Electricity workers reduced due to scam PF deduction - घोटाले से सहमे बिजली कर्मियों ने पीएफ कटौती की रकम घटाई DA Image
13 नबम्बर, 2019|5:45|IST

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घोटाले से सहमे बिजली कर्मियों ने पीएफ कटौती की रकम घटाई

घोटाले से सहमे बिजली कर्मियों ने पीएफ कटौती की रकम घटाई

पावर कारपोरेशन मुख्यालय में पीएफ घोटाला सामने आने के बाद अभियंता व कर्मचारियों को जीपीएफ में जमा रकम डूबने की चिंता सता रही है। अबतक वे जीपीएफ कटौती को लाभदायक व सुरक्षित निवेश मानकर प्रत्येक माह मोटी रकम कटवाते रहे। सुरक्षित निवेश पर भी 'डाका' पड़ने से सहमे साल दो साल में रिटायर होने वाले करीब 125 कार्मिकों ने जीपीएफ कटौती की रकम घटा दी है।

जीपीएफ के मद बडी रकम कटौती कराने वाले कर्मचारी व अभियंताओं का कहना है कि अब जीपीएफ में निवेश सुरक्षित नहीं हैं। अब जो कुछ बच सकता है। उसे बचाने का प्रयास सभी कार्मिक कर रहे हैं। जीपीएफ कटौती कम कराकर हम बैंक में निवेश करेंगे। जीपीएफ मद के बराबर ब्याज नहीं मिलेगा लेकिन रकम तो सुरक्षित रहेगी। ब्याज का नुकसान सह लेंगे लेकिन मूलधन तो बचा रहेगा। अबतक की गाड़ी कमाई तो अफसरों की लापरवाही से डूबने के कगार पर पहुंच गई। अब दो से तीन साल में रिटायरमेंट है। जीपीएफ कटौती की रकम को न्यूनतम कराने से अच्छी-खासी रकम बैंक में एकत्र हो जाएगी।

कटौती को न्यूनतम करने का आवेदन दिया

ट्रांसमिशन जोन के विभिन्न जनपदों में कार्यरत करीब 80 अभियंताओं व कर्मचारियों ने अपने वेतन से जीपीएफ की कटौती को न्यूनतम करने का आवेदन दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन से जीपीएफ कटौती आवश्यक है। ऐसे में हमने अनुरोध किया हैकि जरुरी रकम ही काटी जाए। शेष रकम हमें वेतन के साथ मुहैया कराई जाए। यह कर्मचारी आगामी तीन से चार साल में रिटायर हो जाएंगे। ट्रांसमिशन के अफसरों का कहना है कि जीपीएफ कटौती की रकम बढ़ाने व घटाने का कर्मचारियों को अधिकार है। यह उनका निजी मामला है।

लोन लेकर करेंगे बैंक में फिक्स

ट्रांसमिशन व वितरण के करीब 25 अभियंता व कर्मचारियों ने अपने जीपीएफ व सीपीएफ के मद से नान रिफण्डेबल लोन के लिए आवेदन किया है। कर्मचारियों का कहना है कि लोन लेकर उसे बैंक में फिक्स करेंगे। ताकि रिटायरमेंट के समय अच्छी खासी रकम मिल सके। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि अफसरों की लापरवाही से अबतक जोन के 1241 कर्मचारियों को छह साल से सीपीएफ स्लिप नहीं मिल पाई। आगामी सप्ताह में एक मोर्चा सीपीएफ स्लिप के लिए भी होगा।

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