
गोरखपुर में ईडी के छापे को लेकर दिनभर रही चर्चा
Gorakhpur News - नौकरी के नाम पर जालसाजी में ईडी के आने की थी चर्चानौकरी के नाम पर जालसाजी में ईडी के आने की थी चर्चा गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता प्रवर्तन निदेशालय (ईडी
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शहर में छापेमारी को लेकर गुरुवार को पूरे दिन चर्चा रही। व्यापारियों से लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों तक हर कोई एक-दूसरे से जानकारी लेता नजर आया। लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर ईडी ने कहां और किस मामले में कार्रवाई की है। हालांकि दिनभर पूछताछ और कयासों के बावजूद किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। ईडी की संभावित छापेमारी की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में भी हलचल रही। शहर के विभिन्न थानों से जानकारी ली गई, लेकिन किसी भी थाने पर ईडी या अन्य केंद्रीय एजेंसी की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई।
इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने स्पष्ट किया कि ईडी की किसी छापेमारी को लेकर उनके पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। न ही किसी केंद्रीय एजेंसी की ओर से पुलिस फोर्स की मांग की गई है। दिनभर की अटकलों के बीच शाम होते-होते यह सूचना सामने आई कि ईडी ने सरकारी नौकरियों में जालसाजी और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में देश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की है। इसी चर्चा में गोरखपुर का भी नाम शामिल था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गोरखपुर या आसपास के किसी स्थान पर प्रत्यक्ष रूप से ईडी की कार्रवाई हुई है या नहीं। उधर, इस सूचना के बाद रेलवे, पीडब्ल्यूडी, आयकर विभाग और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी एक-दूसरे से जानकारी लेते रहे। लोग यह जानने का प्रयास करते रहे कि कहीं उनके विभाग से जुड़े किसी व्यक्ति या नेटवर्क पर कार्रवाई तो नहीं हुई है। लेकिन देर रात तक किसी भी विभाग की ओर से कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की गई। सरकारी नौकरी के नाम पर जालसाजी में कार्रवाई का दावा सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई सरकारी नौकरियों में फर्जी नियुक्तियों, दलालों और संगठित नेटवर्क से जुड़े मामलों को लेकर की गई है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, कुछ उच्च न्यायालयों, पीडब्ल्यूडी, बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और राजस्थान सचिवालय तक फैले हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। रेलवे भर्ती बोर्ड में पकड़े गए हैं फर्जी नियुक्ति के मामले रेलवे बोर्ड ने मार्डन कोच फैक्ट्री में बिना परीक्षा के ही दो अभ्यर्थियों की फर्जी नियुक्ति मामले में बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। इस मामले में चेयरमैन के आरआरबी निलंबित भी हो चुके हैं। बीते 26 अप्रैल 2024 को टेक्निकल ग्रेड थर्ड फिटर के पद पर हुई नियुक्ति की समीक्षा में पाया गया कि क्रमांक संख्या 6 पर सौरभ कुमार और 7 पर राहुल प्रताप के नाम गलत तरीके से शामिल कर दिए गए हैं। मामले का खुलासा होने के बाद बड़ी कार्रवाई हुई थी। जांच में पता चला था कि आरआरबी गोरखपुर में तैनात दो वरिष्ठ कर्मचारियों ने अपने बेटों की फर्जी तरीके से नियुक्ति कराई थी। मामला पकड़ में आने पर दोनों नियुक्तियां निरस्त कर दी गईं। एक नियुक्ति पैनल इंचार्ज और दूसरा आरआरबी चेयरमैन के निजी सहायक का बेटा था।

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