Gorakhpur News: पांच माह से मानदेय का इंतजार कर रहे ईसीसीई एजुकेटर, सीएम योगी से गुहार

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
Follow us on Google News
share

Gorakhpur News: गोरखपुर में ईसीसीई एजुकेटर पांच महीने से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं। 260 पदों में से 226 की नियुक्ति हुई है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला है। एजुकेटरों ने मुख्यमंत्री से जल्द भुगतान करने और मानदेय में वृद्धि की अपील की है।

पांच माह से मानदेय का इंतजार कर रहे ईसीसीई एजुकेटर, सीएम योगी से गुहार
पांच माह से मानदेय का इंतजार कर रहे ईसीसीई एजुकेटर, सीएम योगी से गुहार

Gorakhpur News: गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय परिषदीय विद्यालयों में संचालित बाल वाटिका के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाल रहे ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) एजुकेटर पांच माह से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं। गोरखपुर में 260 पदों के सापेक्ष 226 ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति हुई है। अप्रैल में नियुक्ति के बाद उन्हें विद्यालयों में तैनाती भी दे दी गई, लेकिन अब तक मानदेय नहीं मिला है।

समस्या का बयान

बुधवार 2 सितंबर को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं संस्कृति केंद्र में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ, यूपी कॉस पोर्टल-वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो अनावरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ईसीसीई एजुकेटरों ने अपनी समस्या बताई। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल तक विद्यालयों में तैनाती दे दी गई थी। कई एजुकेटरों को घर से 80 किलोमीटर तक दूर विद्यालय आवंटित किए गए हैं। सभी के लिए ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था है और 10 से 20 मिनट की देरी पर भी अनुपस्थित कर दिया जाता है।

मुख्यमंत्री से अपील

एजुकेटरों ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह 10,313 रुपये मानदेय निर्धारित है, जिसमें ईपीएफ और ईएसआईसी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बकाया मानदेय जल्द जारी करने और उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की व्यवस्था के तहत मानदेय में बढ़ोतरी की अपील की।

प्रश्नोत्तर

ईसीसीई एजुकेटर कब से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं?
ईसीसीई एजुकेटर पांच माह से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsUP NewsगोरखपुरGorakhpur News: पांच माह से मानदेय का इंतजार कर रहे ईसीसीई एजुकेटर, सीएम योगी से गुहार