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दलितों के लिए पहली‌ बार खुले स्वरोजगार के दरवाजे: डॉ.निर्मल 

दलितों को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना होगा। आजादी के 70 साल में पहली बार देश में दलितों का आर्थिक एजेंडा तैयार हुआ है। यह सब किया है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने। उनकी योजना है कि दलित रोजगार के लिए पलायन न करें। अपने ही गांव व शहर के आसपास रहकर स्वरोजगार करें। इससे समाज के साथ ही उनका भी विकास होगा। यह बातें अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कही। वह बुधवार अपराह्न 12 बजे लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में पत्रकार वर्ता कर रहे थे।

डॉ. निर्मल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने दलितों को उद्योग स्थापित करने के लिए हर संभव मदद की है। इसके लिए स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत बैंक की प्रत्येक शाखाएं दलित और महिलाओं को दस लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक लोन देकर आर्थिक मदद कर रहीं हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में इन योजनाओं का लाभ हाशिए पर पड़े लोग अब भी नहीं उठा पा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि गांव के कम से कम एक दलित को पं. दीन दयाल स्वरोजगार योजना का सीधे लाभ मिले। इसके लिए महराजगंज में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। लोगों को भी जागरूक किया जाएगा।  

इस बीच डॉ. निर्मल ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर भी निशाना साधा। बोले कि इन दलों ने सिर्फ बाबा साहेब आंबेडकर और लोहिया के नाम पर राजनीति की है। दलितों को बस वोट बैंक के रूप में प्रयोग किया। सपा ने प्रोन्नति में आरक्षण का बिल फड़वाया। वहीं बसपा ने उत्तर प्रदेश में एससी/ एसटी एक्ट को कमजोर किया। सपा और बसपा का गठबंधन नापाक है। सिर्फ सत्ता के लिए दोनों ने हाथ मिलाया। दलितों का ठेकेदारी में आरक्षण समाप्त कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने यह साबित कर दिया कि वह दलितों के विरोधी हैं। 

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  • Web Title:Door opened for Self Employment for Dalits for the first time in Maharajganj