ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश गोरखपुरसख्ती के बाद भी चिड़ियाघर के पास प्राधिकरण की भूमि में पड़े कचरे में लग रही आग

सख्ती के बाद भी चिड़ियाघर के पास प्राधिकरण की भूमि में पड़े कचरे में लग रही आग

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान की चाहरदीवारी से गोरखपुर विकास...

सख्ती के बाद भी चिड़ियाघर के पास प्राधिकरण की भूमि में पड़े कचरे में लग रही आग
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरTue, 27 Feb 2024 12:00 PM
ऐप पर पढ़ें

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता
शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान की चाहरदीवारी से गोरखपुर विकास प्राधिकरण की जमीन पर पड़े कूड़े के ढेर में सोमवार की शाम एक बार फिर किसी ने आग लगा दी। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने कूड़े और झाड़ियों में लगी आग पर शाम 07 बजे काबू पाया। पिछली बार 11 फरवरी की शाम यहां कूड़े के ढेर में किसी ने आग लगा दी थी जिससे वन विभाग द्वारा इस जमीन के सटे लगाए गए पौधे भी जल गए थे। तब प्राधिकरण ने कूड़ा और मलबा डालना प्रतिबंधित करते हुए निगरानी के लिए सुपरवाइजर भी तैनात किया था। निजी या किसी अन्य एजेंसी द्वारा कूड़ा, कचरा या मलबा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

सोमवार की शाम 5.30 बजे के करीब अचानक आग की लपटें और धुंआ गार्डेनिया हाउसिंग सोसाइटी के लोगों ने देखा। जलने से गंदी बदबू भी निकल रही थी। उसके बाद 112 पर कॉल कर सूचना दी गई। फायर अधिकारी अफरोज आलम खान, चालक संजय सिंह, फायरमैन निर्भय राय, सौरभ, रजनीश ने कूड़े की आग को बुझाया। कूड़े के जलने से प्रदूषण, बदबू एवं धुंए से आसपास के आवासीय क्षेत्रों के साथ प्राणी उद्यान के वन्यजीव भी परेशान हुए। इसकी जानकारी प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह को भी दी गई। प्राणी उद्यान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्राणी उद्यान के वन्यजीव और पक्षी के साथ आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों को दुर्गंध एवं धुंए से सांस लेने में दिक्कत होती है। कूड़ा जलाना राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण एवं सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित है। वायु प्रदूषण की दृष्टि से भी गोरखपुर नॉन अटेंनमेंट की सिटी के दायरे शामिल है।

2000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में आग

फायर ब्रिगेड के अधिकारी अफरोज आलम खान ने बताया कि 2000 वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्र में आग थी। ज्यादातर पालिथीन और सिंगल यूज प्लास्टिक था जिससे आग उपर से बुझ जा रही थी लेकिन अंदर से सुलग रही थी इसलिए वक्त लगा। इस तरह कूड़ा जलाना नहीं चाहिए।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें