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जहां श्रीराम ने किया था दीपदान, वहां कल हजारों दीये जलाएंगे लोग

जहां श्रीराम ने किया था दीपदान, वहां कल हजारों दीये जलाएंगे लोग

गोरखपुर के सूर्यकुंड धाम पर आठ नवम्‍बर को हजारों लोग दीये जलाकर दीपदान करेंगे। पवित्र सूरजकुंड धाम के बारे में मान्‍यता है कि राज्‍यभ्रमण के दौरान वहां भगवान श्रीराम ने रात्रि विश्राम किया था और अगले दिन सुबह सरोवर में स्‍नान कर भगवान सूर्य की उपासना और दीपदान किया था।

इस मान्‍यता के आधार पर दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पर्व पर हर वर्ष सूर्यकुंड सरोवर पर दीपोत्‍सव मनाया जाता है। संस्‍कार भारती की ओर से इस बार भी आयोजन किया गया है जिसके मुख्‍य अतिथि केंद्रीय वित्‍त राज्‍यमंत्री शिवप्रताप शुक्‍ल होंगे। संस्‍था की महानगर अध्‍यक्ष रीता श्रीवास्‍तव ने बताया कि दीपोत्‍सव कार्यक्रम में राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष अंजू चौधरी, महापौर सीताराम जायसवाल, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक मुकेश खांडेकर, भारतेन्‍दु नाट़य अकादमी के अध्‍यक्ष रविशंकर खरे मौजूद रहेंगे। इस मौके पर शहर के कलाकार सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्‍त‍ुति भी देंगे।

यह है सूर्यकुंड की कहानी

पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान श्रीराम ने राज्य भ्रमण के दौरान सूर्यकुंड में विश्राम किया था। अगले दिन सुबह उन्होंने सरोवर में स्नान कर एक पिंड बनाया और सूर्यदेव का आह्वान किया। सूर्यदेव प्रकट हुए तो श्रीराम ने उन्‍हें दीपदान किया। इसी वजह से इस सरोवरी का नाम सूर्यकुंड सरोवर हो गया। तभी से यहां हर वर्ष दीपावली के अगले दिन दीपोत्‍सव की परम्‍परा चली आ रही है।

26 पौराणिक सूर्यकुडों में से है एक

सूर्यकुंड धाम 26 ऐतिहासिक और पौराणिक सूर्यकुंड धामों में से एक है। दिल्‍ली, हरियाणा, यमुनोत्री, बहराइच, बिहार, अयोध्‍या के अलावा गोरखपुर के सूर्यकुंड में ही ऐसा कुंड है। मान्‍यता है कि इसका पानी कभी नहीं सूखता। सूर्यकुंड का उल्‍लेख बाल्‍मि‍कि रामायण में 'कारुपथ' के रूप में मिलता है। मान्‍यता है महाभारत काल में इसे गोपालक के नाम से जाना जाता था। यहां दीपोत्सव से विशेष पुण्यलाभ मिलता है। भगवान सूर्य श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

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  • Web Title:Deepotsav will be celebrated at Surajkund Dham in Gorakhpur