Debate on election and counting in Government offices in Gorakhpur - सरकारी कार्यालयों में चुनावी जीत हार और एग्जिट पोल पर चर्चा DA Image

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सरकारी कार्यालयों में चुनावी जीत हार और एग्जिट पोल पर चर्चा

मतदान के बाद सरकारी कार्यालय तो खुल गए हैं मगर अधिकतर कार्यालयों में चुनावी जीत हार की ही चर्चाएं हो रही हैं। कुछ कार्यालयों में हालांकि रूटीन के काम शुरू हो गए हैं मगर शेष में चुनाव ड्यूटी में लगने के कारण कर्मचारियों की कमी है। बचे लोग समय पाते ही चुनावी चर्चाओं में मशगूल हो जाते हैं। विभागीय लोगों की मानें तो चुनाव परिणाम आने तक माहौल ऐसा ही रहेगा। मतदान के बाद अब मतगणना की तैयारियों में कई लोग चुनाव ड्यूटी में हैं इसलिए काम प्रभावित हो रहा है। 

मंगलवार को आरटीओ में काम पटरी पर लौट आया था। अधिकारी अपने टेबल पर मौजूद थे और लोगों के काम निपटा रहे थे। पीडब्ल्यू के निर्माण विंग में महज चार कर्मचारी मौजूद थे। फाइलें निपटा रहे थे और बीच मे चुनावी चर्चाएं भी जारी थी। वरिष्ठ लिपिक अश्वनी त्रिपाठी, शिवनाथ, अरविन्द सिंह व दुर्गेश पांडेय ने बताया कि जरूरी काम निपटाए जा रहे हैं। अधिकारी भी चुनाव ड्यूटी में लगे हैं, इसलिए वही काम हो रहे हैं, जो हमारे स्तर के हैं। कई कर्मचारी भी बाहर हैं। उनके आने तक यही रफ्तार रहेगी। नगर निगम में काम पटरी पर आ गया है। मंगलवार को यहां जनता से जुड़े सभी काउंटरों जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, टैक्स कलेक्शन व स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी मौजूद थे। आ रहे लोगों की समस्या सुनकर निवारण किया जा रहा था। 
 
डीडीयू में कोई मोदी तो कोई गठबंधन को बता रही भारी

दोपहर 12 बजे डीडीयू के प्रशासनिक भवन में एक कमरे में बैठे कर्मचारी व कार्यालय इंचार्ज चुनावी चर्चा में मशगूल थे। डॉ. बीएन सिंह ने कहा कि संबद्धता विभाग में फिलहाल बहुत कम काम है। इसलिए खाली समय में चुनावी चर्चा हो जाती है। एग्जिट पोल पर यहां बहस जारी थी। निर्भय नारायण सिंह का दावा था कि कुछ एग्जिट पोल सच से थोड़े बहुत भले ही दूर हों मगर सभी एग्जिट पोल गलत नहीं हो सकते। आनंद मणि, शमशेर सिंह व मदन चौहान भी निर्भय के साथ थे तो अनूप गुरूंग व कमलेश यादव का मत था कि इस बार एग्जिट पोल बिल्कुल गलत साबित होंगे।  

स्वास्थ्य विभाग में चला कयासबाजी का दौर
लोकसभा चुनाव में मतदान के बाद अब परिणाम को लेकर कयासबाजियों का दौर शुरू हो गया है। सरकारी दफ्तर में तैनात कर्मचारी भी इससे अछूते नहीं है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग में तैनात कर्मचारी भी चुनाव परिणाम को लेकर आपस में चर्चा करते दिखे। जिला अस्पताल में तैनात उपेन्द्र यादव ने कहा कि मतदान का बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। सीएमओ कार्यालय में तैनात अविनाश कुमार ने बताया कि बढ़े हुए मतदान ने चुनावी विशेषज्ञों के सभी आंकलन को धराशायी कर दिया। अब कौन सा प्रत्याशी जीतेगा इसको लेकर संशय बना है। उनके दावे का मनोज कुमार, आशीष कुमार और अरूण कुमार प्रजापति ने समर्थन किया। कुंवर धनंजय और श्रीराम निषाद ने माना कि इस बार मतदान में जातीय बंधन टूट गए। मतदाताओं ने विकास के मुद्दे को प्राथमिकता दी। 

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