
शेर भरत सहित बाघिन, बाघ और तेंदुए का सैंपल जांच के लिए भेजा गया आईवीआरआई
Gorakhpur News - गोरखपुर में बब्बर शेर भरत की मृत्यु के बाद उसका विसरा जांच के लिए बरेली भेजा गया है। डॉक्टरों ने मिर्गी का दौरा पड़ने से मौत की पुष्टि की। चिड़ियाघर प्रशासन ने अन्य जानवरों के सैंपल भी भेजे हैं।...
गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। बब्बर शेर भरत की मौत के बाद विसरा इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली भेजा गया है। बरेली से रिपोर्ट आने के बाद सैंपल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल भी भेजा जाएगा। रविवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिर्गी का दौरा पड़ने से मौत की पुष्टि के बाद डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर लिया था। भरत के अंदर कोई वायरस या फिर अन्य कोई बीमारी तो नहीं थी, इसकी जांच के लिए ही सैंपल बरेली भेजा गया है। इसके अलावा अन्य दूसरे जानवरों के सैंपल भी बरेली जांच के लिए भेजे गए हैं। बरेली से जांच के बाद राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल भी सैंपल भेजने का फैसला चिड़ियाघर प्रशासन ने लिया है।

मई में मांसाहारी जानवरों की लगातार हुई मौत के बाद सैंपल भोपाल भेजे गए थे। भोपाल से आए रिपोर्ट ने सभी को सकते में डाल दिया था। बाघिन शक्ति की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई थी। इसी वजह से एहतियातन फिर से सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। बता दें कि इटावा लायन सफारी से लाए गए बब्बर शेर भरत (सात वर्ष) की रविवार को चिड़ियाघर में मौत हो गई थी। अचानक उसे मिर्गी का दौरा पड़ा और वह नाइट सेल में ही गिर गया था। कीपरों ने तत्काल इसकी सूचना डॉक्टरों को दी। डॉक्टरों ने तत्काल पहुंचकर इलाज शुरू किया। शुरुआती दौर में उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। दोपहर करीब दो बजे उसकी सांस नॉर्मल भी हुई, लेकिन फिर उसकी हालत खराब हो गई। शाम करीब चार बजे भरत ने दम तोड़ दिया था। सफेद बाघिन गीता सहित शेरनी गौरी और तेंदुए के भेजे गए सैंपल वहीं, चिड़ियाघर में बब्बर शेर भरत की मौत के बाद एहतियात के तौर पर दूसरे जानवरों का भी ब्लड सैंपल आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सफेद बाघिन गीता सहित अन्य बाघ, तेंदुआ और शेरनी गौरी के खून का सैंपल बरेली भेजा गया है। फिलहाल सभी स्वस्थ हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर इनकी भी जांच कराई जा रही है, जिससे की समय रहते अन्य स्वास्थ्य की जानकारियां मिल सके। सीटी स्कैन और एमआरआई की नहीं है सुविधा चिड़ियाघर में बब्बर शेर भरत की मिर्गी के दौरे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसे पहले भी झटके आ चुके थे और उसी आधार पर डॉक्टर इलाज कर रहे थे। लेकिन इन सबके बीच चिड़ियाघर में मिर्गी की सटीक जांच के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक सुविधा उपलब्ध ही नहीं है। इसकी वजह से बीमारी की सही जानकारी नहीं हो सकी। बताया जाता है कि मिर्गी की पुष्टि के लिए कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन या मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) जरूरत होती है। भरत के मामले में यह जांच हुई ही नहीं। क्योंकि, भरत को यह दिक्कत इटावा लायन सफारी में भी हुई थी। वहां भी इस जांच की सुविधा नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर स्कैन हो जाता तो संभवत भरत की जान बचाई जा सकती थी।

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