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राजभवन के निर्देश पर भी नहीं दर्ज हुई डीडीयू की एफआईआर

राजभवन के निर्देश पर भी नहीं दर्ज हुई डीडीयू की एफआईआर

आम आदमी तो छोड़िए, सीएम सिटी में पुलिस के लिए राजभवन के निर्देश भी बेमानी साबित हो रहे हैं। राजभवन ने पिछले दिनों डीडीयू की दो शिक्षिकाओं पर व्यक्तिगत लांछन लगाने वाली कमला कुमारी के खिलाफ केस दर्ज कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में डीडीयू के मुख्य नियंता ने दस दिन पहले ही कैंट पुलिस को तहरीर सौंप दी मगर पुलिस ने अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की है। कैंट इंसपेक्टर अभी तक इस मामले में विधिक राय लेने में ही उलझे हैं।

डीडीयू में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान कमला कुमारी नाम की फेसबुक आईडी से कई पोस्ट जारी किए गए। सभी पोस्टों में विवि से लेकर प्रदेश सरकार के मुखिया तक पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। कई शिक्षकों पर व्यक्तिगत लांछन लगाए गए। अंतिम पोस्ट में विवि की दो महिला शिक्षिकाओं पर व्यक्तिगत लांछन लगाए गए। यह बेहद गंभीर थे। सिद्धार्थ विवि संबंध शिक्षक संघ के महामंत्री ने पहले फेसबुक के जरिए कमला कुमारी की असलियत जानने की कोशिश की मगर यह पता चलने पर कि यह फेक आईडी है, उन्होंने सभी फेसबुक पोस्टों की कॉपी लगाकर शासन व राजभवन से शिकायत की। कमला कुमारी पर कार्रवाई की मांग की। राजभवन ने इसे गंभीरता से लिया और शिकायती पत्र के साथ संलग्न सभी पत्रावलियां डीडीयू के कुलपति को इस निर्देश के साथ भेज दी कि संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करा दें। पुलिस के लिए भी निर्देश था कि केस दर्ज कर कार्रवाई करें।

कुलपति के निर्देश पर बीते 21 जुलाई को ही मुख्य नियंता ने विधिक राय लेकर तहरीर तैयार कराई और कैंट थाने में तहरीर दे दी। इंसपेक्टर ने तीन घंटे तक मुख्य नियंता को थाने पर बैठाए रखा मगर एफआईआर नहीं दर्ज की गई।

क्राइम नंबर भी नोट करा दिया हैं इंसपेक्टर ने

देर रात इंसपेक्टर ने मुख्य नियंता को क्राइम नंबर 626/18 नोट कराया और कहा कि इस क्राइम नंबर पर उनकी एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नकल के लिए उन्हें अगले दिन आने को कहा गया। अगले दिन मुख्य नियंता को शाम तक इंतजार कराया गया मगर नकल नहीं मिली। इसी तरह दस दिन बीत गए मगर उन्हें एफआईआर की नकल नहीं मिली है। मुख्य निंयता ने एसपी सिटी तक से बात की मगर अब तक उन्हें आश्वासन ही दिया जा रहा है।

सीएम कार्यालय के अफसर पर हो चुकी है एफआईआर

डीडीयू में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सीएम कार्यालय के एक अफसर ने विवादास्पद ट्वीट किया था। ट्वीट सामने आने के चौबीस घंटे के भीतर इस अफसर पर एफआईआर दर्ज करा दी गई तथा उन पर कार्रवाई भी हो गई। मगर यहां राजभवन से निर्देश के बाद भी पुलिस विधिक राय लेने के नाम पर मामले को टाल रही है।

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  • Web Title:DDU FIR not filed even after Rajbhavan instructions