
‘बहे पुरवा बयार’ लोकगीत पर लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
Gorakhpur News - गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ तरंग ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में दीप जलाकर शुभारंभ किया गया और विद्यार्थियों ने लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रदेश की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौक के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ तरंग के ‘ललित कला एवं संगीत विभाग’ के नादायन हाल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप जलाकर किया। इसके बाद कुलगीत का सस्वर गायन ‘ललित कला एवं संगीत विभाग’ के विद्यार्थियों ने किया। प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति को अभिव्यक्त करते हुए ‘बहे पुरवा बयार’ लोकगीत पर लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति हुई। इस प्रस्तुति में गर्विता, दीक्षा, कनक, कलश, आंचल, तनीषा, प्रीतिवा, खुशी एवं रचना का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की अगली कड़ी में लोकगीत की भी मनमोहक प्रस्तुति हुई, जिसमें उत्कर्ष पाण्डेय, शुभम पाण्डेय, अमन, कृतिका यादव, अनुष्का शर्मा एवं अमरदीप ने अपनी सशक्त गायन प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया।
ललित कला विभाग के शिक्षक डॉ. प्रदीप साहनी ने उनकी स्वरचित गीत, ‘हर जगह पर काम और निर्माण हो रहा है यूपी स्वर्ग हो रहा है।’ कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि प्रदेश ऐतिहासिक,धार्मिक और शिक्षा की दृष्टि से सदियों बहुत विशेष रहा है। मौके पर विशिष्ट अतिथि प्रो. दिव्या रानी सिंह, डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप राजौरिया, डॉ. प्रदीप कुमार साहनी, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. प्रियंका गौतम, डॉ. कुलदीपक शुक्ल, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. दीपा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांस्कृतिक प्रकोष्ठ तरंग की निदेशक प्रो. ऊषा सिंह ने की।

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