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लागत घटे, उपज बढ़े और सही कीमत मिले, तब होगा किसानों को फायदा

प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि किसानों को लाभ देने के तीन सूत्र है। पहला लागत घटे, दूसरा उपज बढ़े और उपज की वाजिब कीमत मिले। पूरी कृषि व्यवस्था इसी के आस-पास रहती है। इसलिए अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों को चाहिए कि इस दिशा में किसानों को जागरूक करें ताकि किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो। पूर्वांचल में बाढ़ की संभावनाओं का आंकलन करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र मे बाढ़ आदि की समस्याएं रहती है इसलिए किसानों का यहां ऐसी फसलों की खेती के लिए प्रेरित करें जिससे बाढ़ आने पर उन्हें कम से कम क्षति हो।

खरीफ गोष्ठी
तीन मंडलों की संयुक्त खरीफ गोष्ठी में प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने दिया मंत्र
अधिकारियों से कहा कि फसलों का बीमा कराने के लिए किसानों को जागरूक करें

प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद पंड़ित दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में गोरखपुर, बस्ती एंव आजमगढ़ मण्डल की संयुक्त खरीफ गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों, बैंक एवं बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि किसानों के फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से करें।

किसानों की फसलों का अनिवार्य रूप से बीमा कराएं
 तीनों मण्डलों से आए जिलाधिकारियों से कहा कि उन्हें भी इस पर खास ध्यान देना चाहिए। ताकि फसल के नुकसान होने पर किसानों को उनके फसल का मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि खरीफ की फसलों में बीमा कंपनी 10 प्रतिशत बीमा के लिए मांग करती है तो किसानों को केवल 2 प्रतिशत ही देना होगा, शेष राशि का भुगतान सरकार करेगी। 

किसानों से की अपील फसल अवशेष न जलाए
अमित मोहन ने किसानों से अपील किया कि फसलों के अवशेष को न जलाए। अधिकारियों को भी निगरानी करने की हिदायत दी। कहा कि किसानों के अनुदान का पैसा समय से उनके खाते में अधिकारी समय से पहुंचाने का इंतजाम करें। मण्डी अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी किसान किसी भी मण्डी में अपनी उत्पाद को बेच सकता है या सीधे उपभोक्ता को भी। 

21 जून से किसान पाठशाला 
प्रमुख सचिव ने बताया कि 21 जून से किसान पाठशाला आयोजित कर किसानों को जानकारी दी जाएगी। यूरिया एंव डीएपी आदि का अग्रिम भण्डारण करने एवं खाद-बीज की दिक्कत न होने की हिदायत दी। 

और बोले किसान छुट्टा पशुओं से बचाइए


गोष्ठी में सभी जनपदों से 5-5 प्रगतिशील किसान भी आमंत्रित किए गए थे। गोरखपुर से रघुपत, राजीव सिंह, कुशीनगर से छोटे लाल सिंह, महराजगंज से रामबदन, आजमगढ़ से सुशील कुमार, बलिया से ज्ञानपत, बस्ती आशाराम वर्मा, अखिलेश्वर सिंह, संतकबीरनगर सुरेन्द्र राय ने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। लेकिन सभी में एक गुहार कॉमन थी। साहब! छुट्टा पशुओं से बचाइए! किसानों ने बताया कि नील गाय और छुट्टा पशुओं से फसल को बचाने में उन्हें काफी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इस समस्या का कोई समुचित समाधान जल्द किया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव तो नहीं लेकिन संयुक्त कृषि निदेशक उद्यान एंव कृषि निदेशक ने किसानों को बताया कि सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। 

मण्डल आयुक्त अनिल कुमार ने किया स्वागत
 मण्डलायुक्त अनिल कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रगतिशील किसानों को स्वागत किया। गोष्ठी में मण्डलायुक्त आजमगढ़ एसबीएस रंगाराव एंव मण्डलायुक्त बस्ती दिनेश कुमार सिंह ने भी अपने मण्डल के कार्यों एंव समस्याओं की जानकारी दी। बैठक में जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियन, संतकबीरनगर भूपेन्द्र एस चैधरी, सिद्धार्थनगर कुणाल सिल्कू सहित कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ, बलिया के जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Cost reduction increase yield and get the right price then farmers will be benefitted