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24 नवंबर, 2020|12:11|IST

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कोरोना ने रोकी नौकरियों की राह

कोरोना ने रोकी नौकरियों की राह

कोरोना ने रोजगार की राह रोक दी है। तीन साल में जहां 14 हजार बेरोजगारों को रोजगार मेलों के जरिए नौकरी मिली वहीं इस साल अभी तक यह संख्या डेढ़ हजार भी नहीं पहुंची है।

राष्ट्रीय सेवा योजन कार्यालय द्वारा चार साल में आयोजित कराए गए रोजगार मेलों में तकरीबन 15240 बेरोजगारों को रोजगार मेलों के जरिए रोजगार मिला है। इधर, कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के बाद से बेरोजगारी दर बढ़ गई है। इसको लेकर बेरोजगारों के मन में व्यवस्था के प्रति आक्रोश पनप रहा है। यही वजह है कि सड़क से लेकर सदन तक रोजगार के मुद्दे पर आंदोलन-धरना और प्रदर्शन भी हो रहे हैं। फिलहाल रोजगार एक्सप्रेस कब पटरी पर लौटेगी इसको लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं दिख रहा है। विभाग ऑनलाइन रोजगार मेले के प्रयास तो कर रहा है लेकिन नौकरियां दिला पाने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।

2017 से आई मेलों में तेजी

वर्ष 2017 से सितम्बर 2020 के बीच गोरखपुर जिले में कई बार रोजगार मेले आयोजित किए गए। इन रोजगार मेलों में देश के नामी-गरामी कम्पनियों ने शिरकत की और बेरोजगारों को विभिन्न पदों पर उनकी योग्यता के हिसाब से नौकरियां दीं। राष्ट्रीय सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक तकरीबन चार साल में गोरखपुर में आयोजित किए गए रोजगार मेलों में 15240 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया। रोजगार मेलों में देश भर की दर्जनों कम्पनियों ने हिस्सा लिया।

ऑनलाइन रोजगार मेले

प्रभारी निदेशक सेवायोजन अवधेंद्र प्रताप वर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में भी ऑनलाइन रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा इसका लाभ उठा रहे हैं और ऑनलाइन रोजगार मेले में शामिल होकर रोजगार पा रहे हैं।

पंजीकृत हैं 75035 युवा

हाईस्कूल पास से लेकर उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल करने वाले गोरखपुर के 75,035 युवाओं ने राष्ट्रीय सेवायोजन कार्यालय में अपना पंजीकरण कराया है। इन पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर रोजगार मेले का आयोजन कराया जा रहा है।

किस साल में कितने पंजीकृत और कितने पाए रोजगार

वर्ष पंजीकृत हुए युवा रोजगार पाए युवा

2017-18 28289 1719

2018-19 12609 8039

2019-20 08452 4146

2020-21 05222 1334