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20 सितम्बर, 2020|1:32|IST

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‘हैसियत और ‘चरित्र को लॉक किए बैठा है कोरोना

‘हैसियत और ‘चरित्र को लॉक किए बैठा है कोरोना

शायद ही ऐसा कोई विभाग हो जहां कोरोना वायरस का असर नहीं पड़ा हो। पीडब्ल्यूडी से लेकर नगर निगम, जीडीए से लेकर पंचायत विभाग के ठेकेदार अजीबोगरीब संकट में फंसे हैं। इन विभागों के जुड़े 100 से अधिक ठेकेदारों के हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र को ‘कोरोना लॉक किए बैठा है। अफसरों की लापरवाही के चलते ठेकेदार टेंडर डालने से वंचित हैं। ऐसे में ठेकेदारों ने हैसियत और चारित्र प्रमाण पत्र की एक्सपायर अवधि को दो महीने बढ़ाने की मांग की है।

मानसून पूर्व कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी के विभिन्न जोन द्वारा बड़ी संख्या में टेंडर निकाले जा रहे हैं। पिछले एक पखवाड़े में 50 करोड़ के करीब 300 कार्यों का टेंडर पीडब्ल्यूडी द्वारा निकाला गया है। 100 से अधिक ठेकेदार हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र के एक्सपायर होने के चलते टेंडर भरने से वंचित हैं। पीडब्ल्यूडी से लेकर जीडीए में ए-ग्रेड के ठेकेदार राजेश कुमार सिंह उर्फ टुनटुन सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र 12 अप्रैल को ही एक्सपायर हो गया था। जिसे देखते हुए उन्होंने फरवरी में ही आवेदन कर दिया था। प्रशासनिक अफसरों की हीलाहवाली से उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। इसी तरह रमाकांत पांडेय उर्फ राजू का हैसियत प्रमाण पत्र भी एक्सपायर हो चुका है। इसके लिए उन्होंने बीते 4 फरवरी को ही आवेदन कर दिया था। इसी क्रम में ठेकेदार ध्रुव कुमार सिंह और शिव कुमार दूबे का भी हैसियत प्रमाण पत्र एक्सपायर हो गया है। आदर्श ठेकेदार समिति के अध्यक्ष शरद कुमार सिंह का कहना है कि 100 से अधिक ठेकेदारों का हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र एक्सपायर हो गया है। जिसके चलते मुख्य अभियंता से दो महीने तक एक्सपायर प्रमाण पत्र को मान्य करने के लिए मांग पत्र सौंपा गया है।

चरित्र तीन साल तो हैसियत प्रमाण पत्र दो साल में एक्सपायर

जिला प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले हैसियत प्रमाण पत्र की पात्रता अवधि दो साल होती है तो वहीं चरित्र प्रमाण पत्र तीन साल के लिए मान्य होते हैं। विभागों में फर्मों का रजिस्ट्रेशन भी तीन साल के लिए होता है। उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रमाकांत राजू का कहना है कि तमाम ठेकेदारों का हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्र लटका हुआ है। जिससे ठेकेदार टेंडर नहीं डाल पा रहे हैं। लॉकडाउन में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक व्यस्त हैं ऐसे में दोनों प्रमाण पत्रों की पात्रता को दो महीने के लिए बढ़ा दिया जाना चाहिए। इन्हीं दिक्क्तों को देखते हुए ठेकेदार चरित्र की तरह ही हैसियत प्रमाण पत्र की पात्रता तीन साल करने की मांग कर रहे हैं।

बोले एक्सईएन

मानसून के पहले सड़कों का काम प्राथमिकता के आधार पर कराए जाने हैं। इसके लिए सभी टेंडर निकाल दिये गए हैं। 15 मई तक टेंडर लिये जाने हैं। कुछ ठेकेदारों के हैसियत और चरित्र प्रमाण पत्रों के एक्सपायर होने की बात आई है। इसको लेकर निर्णय प्रशासन को लेना है। जैसी गाइड लाइन आएगी उसके मुताबिक औपचारिकता पूरी करेंगे।

एसपी भारतीय, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी

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