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9 जुलाई, 2020|9:31|IST

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दांत के डॉक्टरों ने लॉकडाउन में इमरजेंसी चलाने की मांगी मंजूरी

शासन द्वारा लॉकडाउन के दूसरे फेज में प्राइवेट अस्पतालों को कुछ शर्तों के साथ इमरजेंसी चलाने की मंजूरी दे दी है। ये शर्तें दंत रोग विशेषज्ञ (डेंटिस्ट ) के लिए भारी साबित हो रही हैं। आइसोलेशन वार्ड की कमी के चलते दंत रोग विशेषज्ञ इसरजेंसी में मरीजों का इलाज नहीं कर पा रहे हैं। इसके कारण मरीजों को समस्या हो रही है।

बुधवार को इसको लेकर इंडियन डेंटल एसोसिएशन(आईडीए) के पदाधिकारियों ने सीएमओ को पत्र दिया। पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में 142 दंत रोग विशेषज्ञ हैं। इनमें से 90 फीसदी प्राइवेट क्लीनिक का संचालन करते हैं। क्लीनिक में मरीजों के भर्ती करने की कोई इंतजाम नहीं है। मरीज को इलाज के बाद घर भेज दिया जाता है। शासन की नई शर्तों के कारण डेंटिस्ट इमरजेंसी में मरीजों का इलाज नहीं कर पा रहे हैं। 

आईडीए के अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलाटी और संयुक्त सचिव डॉ. एएन शर्मा ने सीएमओ को पत्र देकर बताया कि दांतों में कई ऐसी बीमारियां हैं जिनमें सिर्फ दवाएं कारगर नहीं है। उनके छोटे प्रोसीजर करने पड़ते हैं। ऐसे में मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी संचालित करने की अनुमति दी जाए। 

क्लीनिक या अस्पताल संचालन के नियम शासन द्वारा किए गए हैं। उसमें परिवर्तन भी शासन द्वारा ही होगा। दांत के डॉक्टरों का पत्र मिला है। इस पत्र को शासन को भेजा जाएगा। शासन से दिशा-निर्देश मांगा जाएगा।
डॉ. एनके पांडेय, एडिशनल सीएमओ

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  • Web Title:corona fear dentists asked to run emergency during lockdown in gorakhpur