गैस पाइप लाइन टूटने से तीन घंटे रसोई बंद, बच्चे स्कूल नहीं ले जा सके लंच
Gorakhpur News - गोरखपुर में ठेकेदार की लापरवाही के कारण राप्तीनगर में गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे 500 से अधिक घरों में गैस सप्लाई बंद हो गई, जिससे लोगों को सुबह का खाना नहीं बना और बच्चे बिना टिफिन स्कूल गए।...
गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय सीएम-ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम अर्बन के तहत शनिवार सुबह राप्तीनगर में बन रही सड़क के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने टोरेंट गैस की 90 मिलीमीटर मोटी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त कर दी। सप्लाई बंद होने से अफरा-तफरी मचने के साथ 500 से अधिक घरों में गैस सप्लाई बंद हो गई। सुबह का खाना नहीं बना, बच्चे भूखे पेट स्कूल गए, कर्मचारी बिना नाश्ते के दफ्तर पहुंचे और कई बुजुर्ग समय पर दवा तक नहीं ले सके। शनिवार सुबह पत्रकारपुरम कॉलोनी में नाली निर्माण के लिए जेसीबी से खोदाई करते हुए 7:30 बजे से करीब पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त किया।
तेजी से गैस का रिसाव शुरू हुआ, वहीं पत्रकारपुरम, राजीवनगर और चंद्रगुप्तनगर के 500 से अधिक घरों में आपूर्ति बाधित हो गई। गैस निकलते देख जेसीबी चालक भाग खड़े हुए। स्थानीय लोगों ने टोरेंट गैस को सूचना दी। शनिवार अवकाश होने के कारण फोन मुश्किल से उठा, लेकिन उसके बाद टोरेंट गैस की टीम ने पाइप लाइन की मरम्मत करने में सफलता पाई। लोगों के घरों तक गैस 10:30 बजे पहुंची। मई में राप्तीनगर वार्ड के राप्तीनगर पत्रकारपुरम समेत अन्य मोहल्लों में पीएनजी गैस की आपूर्ति शुरू हुई। तब से यह छठवीं बार है कि ऐसी लापरवाही सामने आई। स्थानीय लोगों को आरोप है कि ऐसे में यदि किसी तरह आग के सम्पर्क में आ गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। लापरवाही ने बिगाड़ दी सुबह ठेकेदार की लापरवाही, नगर निगम और टोरेंट गैस के असंवेदनशील रवैये ने लोगों की शनिवार सुबह बिगाड़ दी। पत्रकारपुरम और चंद्रगुप्तनगर मोहल्ले के लोग समझ भी नहीं पाए कि अचानक चूल्हा क्यों नहीं जल रहा। बिना टिफिन के स्कूल जाते बच्चों के चेहरे पर मायूसी थी। दफ्तर जाने वाले कई लोग नाराज दिखे। किसी को सुबह की चाय नहीं मिली, तो किसी ने खाली पेट ही दवा निगलनी पड़ी। दीपिका कहती हैं कि हमारे यहां बुजुर्ग को सुबह 8 बजे इंसुलिन लेनी होती है। बिना नाश्ते के दवा नहीं दी जा सकती, लेकिन गैस न होने से हम कुछ बना ही नहीं पाए। बुजुर्ग महिला ने गुस्से में कहा, ‘अगर इस गैस लाइन में विस्फोट हो जाता, तो क्या तब भी ये ठेकेदार और अधिकारी ऐसे ही सोते रहते? 44.88 करोड़ से बन रही सड़क सीएम-ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (अर्बन) के तहत निर्माणाधीन 2.5 किलोमीटर सड़क बी का अब तक 100 मीटर हिस्सा नई डिजाइन के अनुरूप तैयार हुआ है। 44.88 करोड़ रुपये की लागत की परियोजना मार्च 2026 में पूरी होगी। परियोजना के तहत शाहपुर थाना से रिद्धि अस्पताल तक 510 मीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ी सड़क, मेडिकल कॉलेज रोड पर दूरदर्शन आवास से ब्रदर्स बेकरी तक 471 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी सड़क और राजीवनगर कुआं से राप्तीनगर विद्युत कार्यालय तक 1417 मीटर लंबी व 18 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी। बोले स्थानीय नागरिक दवा का समय निकल गया, चाय तक मयस्सर नहीं हुई। पांच महीनें आपूर्ति शुरू हुए गुजरे, 06 बार ऐसा हो चुका? नगर निगम और टोरेंट में तालमेल नहीं है। लापरवाह ठेकेदार पर मुकदमा क्यों नहीं होता। -प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, पत्रकारपुरम कई घरों के बच्चे स्कूल नहीं गए, कुछ बिस्कुट खा बिना टिफिन लिए गए। कामकाजी लोग बिना नाश्ता किए, बिना टिफिन लिए दफ्तर गए। यह बहुत ही अमानवीय और संवेदनहीन होने का परिचायक है। -विजय श्रीवास्तव, पत्रकारपुरम नगर निगम के ठेकेदार मेसर्स शिवांस कंस्ट्रक्शन ने पीएनजी पाइप लाइन 7.30 बजे क्षतिग्रस्त की। 9 बजे तक मरम्मत कर लिया गया। नगर निगम को चाहिए वे काम करने से पहले हमारे संज्ञान में लाए ताकि हमारा पेट्रोलर मौके पर पहुंच जाए। सर्विस लाइन का मैप भी उपलब्ध कराया जा चुका है। -प्रवक्त टोरेंट गैस नगर आयुक्त को निर्देशित किया जाएगा कि निर्माण कार्य से पहले सभी जरूरी सेवाओं की मैपिंग की जाए और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाहियां दोहराई न जाएं। -डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, महापौर
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