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27 अक्तूबर, 2020|8:15|IST

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46 गांवों के डेढ़ लाख लोगों के ‘शहरी होने पर असमंजस

46 गांवों के डेढ़ लाख लोगों के ‘शहरी होने पर असमंजस

1 / 2जिला पंचायत विभाग ने नगर निगम और नगर पंचायतों में शामिल होने वाले 46 गांव के फंड को 30 सितम्बर तक खर्च करने का फरमान जारी किया था। इसके साथ ही पहली अक्तूबर से इन गांवों के नगर निगम क्षेत्र में शामिल...

46 गांवों के डेढ़ लाख लोगों के ‘शहरी होने पर असमंजस

2 / 2जिला पंचायत विभाग ने नगर निगम और नगर पंचायतों में शामिल होने वाले 46 गांव के फंड को 30 सितम्बर तक खर्च करने का फरमान जारी किया था। इसके साथ ही पहली अक्तूबर से इन गांवों के नगर निगम क्षेत्र में शामिल...

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जिला पंचायत विभाग ने नगर निगम और नगर पंचायतों में शामिल होने वाले 46 गांव के फंड को 30 सितम्बर तक खर्च करने का फरमान जारी किया था। इसके साथ ही पहली अक्तूबर से इन गांवों के नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने का दावा है। लेकिन इन गांवों की सफाई, पेयजल और नगरीय सुविधाओं को लेकर नगर निगम और जिला पंचायत राज अधिकारी के सुर अलग-अलग हैं। दोनों को शासन की गाइडलाइन का इंतजार है।

गुरुवार से जो 46 गांव नगर निगम में शामिल हो रहे हैं, उनमें 31 गांव नगर निगम में और शेष नगर पंचायतों में शामिल हो रहे हैं। इन गांवों की सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम और नगर पंचायतों की होनी चाहिए लेकिन अभी तक निगम की तरफ से इन गांवों की सफाई को लेकर कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। निगम प्रशासन को 31 गांवों के डी-नोटिफिकेशन होने का इंतजार है। उधर, जिला पंचायत विभाग के अधिकारी भी कुछ बोलने से बच रहे हैं।

गैर अधिकारिक बयान में वह कह रहे हैं कि पहली अक्तूबर से इन गांवों की नगरीय सुविधाओं की जिम्मेदारी नगर निगम की है। निगम क्षेत्र में शामिल होने वाले 46 गांवों का वजूद 30 जून को ही शहरी होना था लेकिन खातों में बचे विकास कार्य के 4.20 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए अधिकारियों ने 30 सितंबर तक का समय दिया था। बीते दिनों प्रभारी डीएम व सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने इन सभी पंचायतों के सचिवों को निर्देश दिया था कि 30 सितंबर तक सभी अधूरे काम करा लें। खाते में जो धन बचा है उसे सरेंडर कर दें।

खोराबार ब्लाक की सर्वाधिक 11 ग्राम पंचायतें

जो ग्राम पंचायतें शहरी क्षेत्र में शामिल हुई हैं उनमें चरगांवा ब्लॉक की आठ, खोराबार की 11, भटहट की दो, पिपराइच की छह, भरोहिया की आठ, कैंपियरगंज की पांच तथा सरदारनगर की छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा पहले ही साफ किया जा चुका है कि इन गांवों में अब ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं होगा। ऐसे में ये गांव न तो ग्रामीण इलाके के रह गए हैं न ही शहरी।

31 गांवों के लिए तैयार है 192 करोड़ का प्रस्ताव

नगर विकास विभाग ने 31 गांवों को नगर निगम में शामिल करने को लेकर पिछले महीनों में नोटिफिकेशन जारी किया था। तभी से नगर निगम सक्रिय हुआ था। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद नगर निगम ने इन गांवों के विकास कार्यों को लेकर सर्वे भी कराया था। जिसमें 192 करोड़ का प्रस्ताव तैयार हुआ था। नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद के मुताबिक, प्रस्ताव बनाकर तैयार रखा गया है। शासन से मांग होगी तो इसे भेजा जाएगा।

टैक्स को लेकर असमंजस

इन गांवों से नगर निगम टैक्स कब से वसूलेगा इसे लेकर अधिकारी चर्चा करने लगे हैं। जिम्मेदार वसूली को लेकर प्लानिंग तो कर रहे हैं, लेकिन विकास कार्यों को लेकर उनकी चिंताएं नहीं है। जबकि निगम के ही एक अधिकारी का कहना है कि 31 गांवों से 5 वर्षों तक किसी प्रकार का टैक्स नहीं वसूला जा सकता है।

ये गांव होंगे शामिल

नगर निगम में शामिल गांवों में सिक्टौर तप्पा हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायघाट बुजुर्ग, पथरा, बाघरानी, गायघाट खुर्द, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुडिला उर्फ मुडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, करमहा उर्फ कम्हरिया, जंगल तिनकोनिया नंबर एक, जंगल बहादुर अली, नुरूद्दीन चक, चकरा दोयम, चकरा सेयम, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली बेंदुली, कठवतिया उर्फ कठउर, पिपरा तप्पा हवेली, झरवा, हरसेवकपुर नंबर दो, लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा, उमरपुर तप्पा खुटहन और जंगल हकीम नंबर-दो हैं।

बोले अफसर

ग्राम पंचायत विभाग द्वारा इन गांवों का डी-नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। गुरुवार से नगर निगम इन गांवों की व्यवस्था संभालने नहीं जा रहा है। शासन से गाइडलाइन मिलने के बाद आगे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

- अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त

पहली अक्तूबर से इन गांवों की जिम्मेदारी नगर निगम और नगर पंचायतों की है। हालांकि अभी इन गांवों की सफाई व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन गांवों को लेकर कोई गाइडलाइन आती है तो आगे की कार्रवाई होगी।

- हिमांशु शेखर ठाकुर, जिला पंचायत राज अधिकारी

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