कान्हा उपवन में गोवंश भरण-पोषण पर उठे सवाल
Gorakhpur News - गोरखपुर, मुख्य संवाददाता।कान्हा उपवन में निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कान्हा उपवन का संचालन करने वाली फर्म आईडीएस इंटरप
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। कान्हा उपवन में निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कान्हा उपवन का संचालन करने वाली फर्म आईडीएस इंटरप्राइजेज ने निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण का टेंडर 45 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से लिया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु का मानक निर्धारित किया गया है। सरकारी मानकों के अनुसार एक व्यस्क निराश्रित गोवंश को प्रतिदिन 03 से 04 किलोग्राम भूसा, 05 से 08 किलोग्राम हरा चारा तथा 500 ग्राम चोकर दिया जाना चाहिए। हालांकि यदि गोवंश दूध न दे रही हो और गर्भवती न हो तो चोकर देना अनिवार्य नहीं है।
गो-आश्रय स्थलों का नोडल विभाग पशुपालन विभाग है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पाण्डेय के अनुसार निराश्रित गोवंश के लिए सरकार द्वारा 50 रुपये प्रतिदिन का मानक तय किया गया है। इस राशि में व्यस्क गोवंश को 03 किलोग्राम भूसा, 02 किलोग्राम साइलेज और शेष धनराशि से पशु आहार खरीदा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 09 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 27 रुपये का भूसा और 08 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 16 रुपये का साइलेज खरीदा जाता है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि कान्हा उपवन में साइलेज उपलब्ध नहीं होता। हरे चारे के स्थान पर गोवंश को गन्ने का पत्ता खिलाया जा रहा है। बाजार में यह है भूसा और चोकर का दाम बाजार में थोक भाव में भूसा 9.50 से 10 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि फुटकर बाजार में 11 से 12 रुपये प्रति किलोग्राम में उपलब्ध है। इसके अलावा चोकर की कीमत 27.77 रुपये प्रति किलोग्राम है और 45 किलोग्राम की बोरी 1250 रुपये में बिक रही है। ऐसे में सरकारी मानकों, टेंडर की दर और बाजार भाव के बीच अंतर को देखते हुए कान्हा उपवन में निराश्रित गोवंश के समुचित भरण-पोषण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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