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2 जून, 2020|6:34|IST

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सिंधी समाज को सीएम योगी का तोहफा, मंदिर के लिए मिलेगी जमीन

गोरखपुर में मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन के निर्माण की जद में आ रहे गोरखनाथ सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर भी आ रहा है। एक दो दिन में यह मंदिर भी टूट जाएगा लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंधी समाज के प्रतिनिधियों को झूलेलाल मंदिर बनाने के लिए निकट ही जमीन देने का आश्वासन दिया है। सिंधी समाज के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश कर्मचंदानी एवं नगर निगम के मनोनीत पार्षद लक्ष्मण नारंग कहते हैं कि सीएम का यह आश्वासन उनके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। सीएन ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे नगर निगम आयुक्त एवं जिलाधिकारी से मिल कर अपना मांग पत्र सौंप दें।

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए सिंधी समाज के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश कर्मचंदानी एवं नगर निगम के मनोनीत पार्षद लक्ष्मण नारंग मिलने के लिए पहुंचे। संदेशा मिलने पर सीएम ने उन्हें बुला लिया। सीएम ने ओम प्रकाश कर्मचंदानी का हालचाल पूछा। अनौपचारिक बातचीत के बाद ओम प्रकाश कर्मचंदानी ने गोरखनाथ स्थित झूलेलाल मंदिर के सड़क निर्माण में आने की जानकारी दी। कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जगह दी जाए। सीएम ने तत्काल द्वारिका तिवारी को बुलाया। 

उनके समक्ष ओम प्रकाश और लक्ष्मण नारंग को आश्वस्त किया कि गोरखनाथ प्राथमिक विद्यालय के निकट नगर निगम की 3500 वर्गफीट जमीन मंदिर के लिए आवंटित की जाएगी। आवंटन की प्रक्रिया के लिए डीएम के विजयेंद्र पांडियन और नगर आयुक्त अंजनी सिंह को मांग पत्र सौंपने के निर्देश दिए। सीएम की सह्दयता से सिंधी समाज के प्रतिनिधि भावुक हो गए। सीएम ने मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी से भी कहा कि वे इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर लें। 

मंदिर से सिंधी समाज का पुराना रिश्ता
बंटवारे का दंश झेलते हुए गोरखपुर आए सिंधी समाज से ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के समय से गहरा रिश्ता रहा है। वर्ष 1951 रिफ्यूजी कैंप में रहने वाले सिंधी समाज के लोगों ने श्रीश्री पूज्य झूलेलाल महोत्सव में गोरक्षपीठ के महंत दिग्विजयनाथ आमंत्रित किया था। बड़े महंत कार्यक्रम में पहुंचे तो सिंधी समाज में स्वाभिमान की भावना को बढ़ाने के लिए कहा कि आप लोग रिफ्यूजी नहीं हैं। आज बहुत कड़े संघर्ष के दौर में जालिमों से बच कर यहां आए हैं इसलिए आप लोग विजेता हैं। इसके साथ ही रिफ्यूजी कालोनी का नाम बदल कर विजय नगर कालोनी कर दिया। महंत दिग्जियनाथ से शुरू हुआ भावुक और अपनत्व का रिश्ता ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ से होते हुए गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ तक कायम है। सिंधी समाज को लोग भी पूरी शिद्दत से इसे स्वीकारते हैं कि गोरक्षपीठ ने शहर में सिंधी समाज को पहचान बनाने के लिए पूरा सहयोग दिया। इतना ही नहीं सिंधी समाज की बैठकें भी गोरक्षनाथ मंदिर में हुआ करती थीं। खुद महंत दिग्विजयनाथ सिंधी समाज की बैठकों शामिल होते रहे हैं।

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  • Web Title:cm yogi gifted land to sindhi samaj for temple in gorakhpur