नियम विरुद्ध आवासीय भवनों में चल रहे छात्रावास-अतिथि भवन

Mar 14, 2026 02:31 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News - - गुरुवार को कालेपुर में छात्रावास खाली करा जीडीए ने सील किया छात्रावास -

नियम विरुद्ध आवासीय भवनों में चल रहे छात्रावास-अतिथि भवन

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बिलंदपुर-कालेपुर में गुरुवार को एक हास्टल को खाली करा कर सील किए जाने पर दूसरे छात्रावास के रहवासियों में भी भय समा गया है। प्राधिकरण क्षेत्र में आवासीय भवनों में बड़ी संख्या में अतिथि भवन और छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। इससे न केवल बाह्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित है, बल्कि कामर्शियल श्रेणी की इन गतिविधियों के बावजूद बिजली, सम्पत्तिकर, जलकर और सीवर कर आवासीय का चुकाया जा रहा है।जिस भवन में हास्टल संचालित हो रहा था, उसका मानचित्र आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, जबकि वहां व्यावसायिक गतिविधि के रूप में छात्रावास चलाया जा रहा था।

वहीं, ऐसे तमाम भवन है जिनमें जिनका मानचित्र भी स्वीकृत नहीं है लेकिन उनका अतिथि भवन और छात्रावास के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एक एक छात्रावास में 50 से अधिक छात्राएं और छात्र रह रहे। इन भवनों में अग्नि सुरक्षा के भी जरूरी इंतजाम नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले, महानगर के स्कूल कालेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले और निजी अस्पतालों में काम करने वाली नर्सिंग की छात्राएं हजारों की संख्या इन अवैध छात्रावास में शरण लिए गए हैं। अकेले बिलंदपुर में ही 12 से ज्यादा घरों में बड़े बड़े छात्रावास संचालित हैं। महानगर के बेतियाहाता, विजय चौक, राप्तीनगर, विकासनगर, मोहद्दीपुर, कालेजपुर, बिलंदपुर, दाउदपुर, रुस्तमपुर, बुद्ध विहार, कूड़ाघाट, नौसढ़, गोपलापुर, तारामंडल एरिया, पैडलेगंज में ऐसे 100 से ज्यादा छात्रावास संचालित हैं।प्राधिकरण और नगर निगम करे कार्रवाईऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम इन पर भी कार्रवाई करेगा? या फिर इन्हें नियमित करने की कोई कार्य योजना बनाएगा? कामर्शियल गतिविधियों के बदले यह न केवल आवासीय शुल्क चुका रहे। बल्कि इनसे नागरिक सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इन अतिथि गृह एवं छात्रावास के कारण पार्किंग की समस्या खड़ी हो रही है। आग लगने पर तमाम छात्रावास पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी नहीं पहुंच सकेंगी। अनिल तिवारी, रविशंकर, मनीष कुमार की मांग है कि नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।डीएम से सील खोलने की मांगसील किए गए हास्टल की संचालक वंदना सिंह ने शुक्रवार को डीएम और जीडीए अधिकारियों मुलाकात किया। बताया कि कक्षा नौ से 12 तक के छात्र छात्रावास में रहकर बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ मेडिकल व इंजीनियरिंग परीक्षा की तैयारी विभिन्न कोचिंग संस्थानों के माध्यम से करते हैं। अचानक हुई कार्रवाई से इन बच्चों के पास रहने का कोई आसरा नहीं है। ऐसे में संबंधित परीक्षाओं के समाप्त होने तक सील खोल दिया जाए।‘अवैध निर्माण के खिलाफ निरंतर कार्रवाई विशेष अभियान और नोटिस के साथ ही सीलबंदी की जाती है। बिलंदपुर में सील किए गए हास्टल को लेकर पूर्व में कई बार नोटिस जारी किया गया था। वहां से कई शिकायतें भी मिल चुकी थी। मानचित्र के विपरीत जिन आवासीय इमारतों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है उन पर कार्रवाई होगी।- आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए

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