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घूस के आरोप में इस बाबू के जेल जाते ही पास हो गईं 240 फाइलें

एसएसपी के प्रधान लिपिक ज्ञानेन्द्र सिंह ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की 280 फाइलें अपनी टेबल पर दबाकर रखी थी। ज्ञानेन्द्र बाबू की गिरफ्तारी के बाद इन फाइलों के निस्तारण में तेजी आई और अब तक 240 फाइलों का निस्तारण कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये सभी फाइलें सुविधा शुल्क के चक्कर में ही दबाई गई थीं।

यहां बता दें कि 18 जून को जिला पुलिस के आला अफसरों की नाक के नीचे घूस लेते पुलिस विभाग के बड़ा बाबू ज्ञानेन्द्र सिंह को एंटी करप्शन लखनऊ की स्पेशल टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। बड़ा बाबू ने इलाज प्रतिपूर्ति की रकम दिलाने के बदले एक दारोगा से पांच हजार रुपये घूस लिया था। अगल-बगल मौजूद टीम ने केमिकल लगे नोट के साथ बड़ा बाबू ज्ञानेन्द्र सिंह को पकड़ने के बाद कैंट थाने ले गई। टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरि सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू हो गई है। बड़े बाबू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया था। 

दारोगा ने एंटी करप्शन से पकड़वाया था बाबू को 
कैंपियरगंज थाने के बलुआ चौकी पर तैनात दरोगा पंकज यादव ने बेटी की तबीयत खराब होने पर लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज कराया था। उसमें काफी पैसे खर्च हुए थे। चिकित्सा प्रतिपूर्ति के तौर पर 1.80 लाख रुपये की फाइल तैयार हुई थी। पिछले दो महीने से दरोगा पंकज यादव बड़े बाबू के पास जा रहे थे और फाइल को एसएसपी के सामने प्रस्तुत कर रुपये दिलाने की गुहार लगा रहे थे। बड़े बाबू ने फाइल को एसएसपी के सामने पेश करने के लिए दस प्रतिशत के हिसाब से 18 हजार रुपये घूस मांगा था।

जिनसे रकम मिलती उनकी फाइल आगे बढ़ती
ज्ञानेन्द्र सिंह के जेल जाने के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति की 280 फाइल ज्ञानेन्द्र बाबू ने दबाकर रखी थी। नए प्रधान लिपिक ने इन सभी फाइलों की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 240  फाइल निपटा दी गई है बचे 40 फाइल कुछ कमियों की वजह से फंसी हैं उन कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है।

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  • Web Title:Clerk sent to jail for bribe taking 240 files passed in Gorakhpur