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9 मार्च, 2021|7:24|IST

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लोक संगीत में शास्त्रीयता का अहम स्थान: मैथिली ठाकुर

लोक संगीत में शास्त्रीयता का अहम स्थान: मैथिली ठाकुर

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

काफी कम उम्र में देश में अपनी पहचान बनाने वाली गायिका मैथिली ठाकुर का कहना है कि लोक संगीत में शास्त्रीयता का अहम स्थान है। कहा कि संगीत के शास्त्रीय ज्ञान से लोक संगीत संवरता है। मैथिली ने यह बातें गोरखपुर महोत्सव में कार्यक्रम शुरू करने के पहले मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।

कहा कि लोकगीत में कई रागों का इस्तेमाल होता है। जिस राग की प्रमुखता होती है, उसी को आधार बनाकर गीत आगे बढ़ता है। मैथिली ने बताया कि सोशल मीडिया वह प्लेटफार्म है, जहां किसी का कृपापात्र होने की जरूरत नहीं होती। प्रतिभा किसी माध्यम से नहीं बल्कि सीधे जन-जन तक पहुंच ही जाती है। मैथिली ने बताया कि उनके फेसबुक पेज के एक करोड़ से ज्यादा फॉलोअर हैं।

फिल्मों में हाथ आजमाने के सवाल पर मैथिली ने कहा कि उन्हें लोक संगीत की सेवा करनी है। भोजपुरी-मैथिली में ही नहीं देश भर के लोकगीतों में हाथ आजमाना है। लोकगीतों से गजल गायकी की ओर से बढऩे की चर्चा में मैथिली ने कहा कि वह सूफी और छोटा ख्याल व बड़ा ख्याल भी गा रही हैं।

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  • Web Title:Classical place in folk music Maithili Thakur