Children are still dying due to encephalitis - इंसेफेलाइटिस: बच्चों पर सितम्बर भी भारी पड़ रहा है मंत्री जी! DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इंसेफेलाइटिस: बच्चों पर सितम्बर भी भारी पड़ रहा है मंत्री जी!

अगस्त ही नहीं सितम्बर भी मासूमों पर भारी पड़ रहा है मंत्री जी..। सितम्बर में भी बच्चों की मौतों का सिललिसा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने पिछले महीने आक्सीजन त्रासदी के दौरान कहा था कि अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं। अब उन्हें कौन समझाए कि सितंबर भी बच्चों के लिए काल ही साबित हो रहा है। 

सितम्बर का पहला पखवारा करीब-करीब बीत चुका है और इस एक पखवारे में पौने दो सौ से अधिक मासूमों की जान जा चुकी है। जबकि इस महीने में अभी 15 दिन बचे हैं।  मेडिकल कॉलेज की 14 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में 18 मासूमों ने दम तोड़ दिया। इसमें चार मौतें इंसेफेलाइटिस से हुई है। एनआईसीयू में 11 नवजातों की मौत हुई और पीडियाट्रिक्स के आईसीयू में 7 जानें गई। इस हिसाब से औसतन रोजाना बीआरडी में प्रतिदिन 12 से 13 मासूमों की जान जा रही है।

इंसेफेलाइटिस से जनवरी से 14 सितंबर तक 220 मौतें
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से जनवरी से सितंबर तक 220 जान जा चुकी है। 14 सितंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार चार मासूमों की जान इंसेफेलाइटिस से गई। इस समय इस बीमारी से पीड़ित करीब डेढ़ सौ मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा। इस साल साढ़े दस सौ के आसपास मरीज यहां इंसेफेलाइटिस से इलाज के लिए आ चुके हैं।

सुविधाएं बढ़ी लेकिन नहीं कम हुआ मौतों का सिलसिला
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक बढ़ गए, ससांधन भी बढ़ा दिए गए लेकिन बच्चों के मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से करीब 19 स्पेशलिस्ट चिकित्सक भी यहां लगाए गए। नियोनेटल वार्ड के आईसीयू में वार्मर की कमी दूर करने के लिए 41 वार्मर विभिन्न जगहों से मंगाए गए। हर स्तर पर मॉनिटरिंग शुरू हो गई। लेकिन मौतों का सिलसिला है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Children are still dying due to encephalitis