
भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर मांगी सुख-समृद्धि
संक्षेप: Gorakhpur News - पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार राप्ती तट, हनुमानगढ़ी, एकला बंधा, मानसरोवर, सूर्यकुंडधाम
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राप्ती, रोहिन, आमी नदी के साथ गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर, मानसरोवर, रामगढ़झील और सूर्यकुंडधाम पर आस्था, श्रद्धा, और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। सूर्यदेव की लुकाछिपी के बीच व्रतियों का हुजूम अपने सिर पर डाला उठाए और होठों पर छठ मइया के मधुर लोकगीतों को गुनगुनाते हुए घाट की ओर बढ़ता जा रहा था। कांच ही बांस की बहंगिया, हे माई बहंगी लचकत जाय..., पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार... जैसी पारंपरिक धुनों से छठ घाट गूंज उठे। दोपहर बाद से ही छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं का घाट पर आना शुरू हो गया।

कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय..सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ हे घूमइछा संसार, आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ आहे भोर भिनसार..गीतों के बीच बीच व्रती महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। परिवारों के साथ कुछ लोग बैंड बाजों की धुन पर कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे, जबकि कुछ श्रद्धालु निर्जला व्रत से भरे चेहरों के साथ हर कदम पर आस्था और श्रद्धा से भरे हुए थे। इस दौरान छठ मैया के जयकारों से घाट गूंज उठे। सोलह श्रृंगार में सजी महिलाएं अपने नाक से लेकर भरे सिंदूर के साथ किसी भी भूख या प्यास के दर्द से अज्ञात थीं। शाम होते-होते नदी से लेकर घाटों पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची। सजाए-संवारे गए घाटों पर छठ गीतों की स्वर लहरियों के बीच छठ की छटा देखते ही बन रही थी। श्रद्धालुओं ने गन्नों से मंडप सजाया, टोकरी में मौसमी फल, ठेकुआ, कसर और पूजन सामग्री रखकर विधिपूर्वक पूजा की। महिलाओं ने एक-दूसरे की मांग में सिंदूर लगाया और सूर्यास्त के समय पानी में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित किया। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद हाथों में अखण्ड ज्योति संभाले व्रती महिलाएं अपने घरों की ओर लौट गईं। ढोल नगाड़े के साथ पहुंचे घाट जिन्होंने कोई मनौती मानी थी, वह ढोल नगाड़ा के साथ घाट पर पहुंचे। राप्ती नदी पर परिवार के साथ नगाड़ा के साथ पहुंचे इलाहीबाग निवासी रवीन्द्र पांडेय ने बताया कि बेटे को लंबे समय बाद संतान सुख मिला है। छठ मईया के प्रताप से परिवार में खुशियां आई हैं। वहीं तमाम ऐसे भी लोग थे, लो लेटते हुए घाट तक पहुंचे। मोहल्लों में दिखी संस्कृति की झलक महानगर में पादरी बाजार, बिछिया, कूड़ाघाट, बेतियाहाता, आजाद चौक समेत सभी मोहल्लों में सामूहिकता के बीच संस्कृति की झलक दिखी। सभी वार्ड में पार्षदों के साथ समाज के जागरूक लोगों ने व्यवस्था संभाल रखी थी। प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री जितेन्द्र जायसवाल उर्फ पप्पू भईया के पादरी बाजार स्थित परिसर में बने ताल में हजारों महिलाओं ने छठ पूजा की। गोरखनाथ मंदिर पहुंचे सांसद खूब चला सेल्फी का दौर गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने छठ पर्व पर विभिन्न घाट पर पहुंचकर व्रतियों की सुविधाओं का जायजा लिया। सांसद जहां भी गए वहां सेल्फी लेने वालों की कतार लग गई। उन्होंने भी किसी को निराश नहीं किया। देर शाम गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने श्रद्धालुओं संग परंपरागत तरीके से भगवान सूर्य की उपासना की। गोरखपुर समेत पूरे देश के लोगों को छठ की शुभकामना देते हुए सांसद रवि किशन शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि छठ महापर्व लोक आस्था, तप, संयम और परिवारिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति, जल और पर्यावरण के प्रति हमारी कृतज्ञता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छठ मईया की कृपा से हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद बना रहे यही कामना है। उन्होंने कहा कि लोक परंपरा से जुड़ा यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक है, जो समाज को एकजुट करने का कार्य करता है। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा के जो इंतज़ाम किए हैं, वे सराहनीय हैं। पूरे परिवार के साथ हनुमान गढ़ी पहुंचे पूर्व महापौर पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल ने पूरे परिवार के साथ राप्ती तट के हनुमानगढ़ी घाट पर आराधना की। इस दौरान उन्होंने पत्नी देवमुन्ना देवी के साथ परिवार ने लोक कल्याण की मंगलकामना करते हुए भास्कर को पहला अर्घ्य दिया। इस दौरान प्रीति जायसवाल, मीना जायसवाल, डॉ. सिंपी जायसवाल, नीलू जायसवाल, हर्षिता जायसवाल, अनिल जायसवाल, संजय जायसवाल, अजय जायसवाल, डॉ. मनोज जायसवाल आदि ने परम्परागत तरीके से छठ पूजा की।

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