पश्चिमी आकाश में चांद के पास से गुजरेगा बृहस्पति, आम आंखों से होगा दीदार
Gorakhpur News - गोरखपुर में 26 मार्च की रात मिथुन तारामंडल में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह की युति देखने को मिलेगी। इस दौरान बृहस्पति रात के आकाश में सबसे चमकीला नजर आएगा। चंद्रमा, बृहस्पति के उत्तर में लगभग 3 डिग्री 57 मिनट की दूरी से गुजरेगा। अवलोकन के लिए सबसे अच्छा समय रात 7:00 से 9:30 बजे है।

गोरखपुर, निज संवाददाता। खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले आकाश प्रेमियों के लिए 26 मार्च की रात खास होने वाली है। इस रात मिथुन तारामंडल में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह की युति देखने को मिलेगी। दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम आकाश में घटित होने वाली इस खगोलीय घटना की वजह से बृहस्पति ग्रह रात के आकाश में सर्वाधिक चमकीला नजर आएगा। इस दौरान बृहस्पति ग्रह, चंद्रमा के बेहद निकट से होकर गुजरेगा। यहां चंद्रमा के पास बृहस्पति एक तेज चमकदार तारे जैसा प्रतीत होगा, जिसे प्रकाश प्रदूषण से दूर नंगी आंखों से भी आसानी से देखा जा सकता है। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि युति के दौरान चंद्रमा, बृहस्पति के उत्तर में लगभग 3 डिग्री 57 मिनट की दूरी से गुजरेगा।
हालांकि तकनीकी रूप से यह एक ‘एप्पल्स’ (निकटतम पहुंच) है, जिसे सामान्य भाषा में युति कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा ‘वैक्सिंग गब्बस’ (बढ़ता हुआ कुबड़ा चंद्रमा) चरण में होगा। साथ ही 60 प्रतिशत चंद्रमा लगभग माइनस 11.5 मैग्नीट्यूड चमक के साथ प्रकाशित होगा।उनका कहना है कि इस बीच बृहस्पति ग्रह माइनस 2.5 मैग्नीट्यूड लिए रात के आकाश में चमक बिखेरता नजर आएगा। खगोलविद अमर पाल ने बताया कि सूर्यास्त के बाद शाम लगभग 6:00 बजे ही दोनों पिंड आकाश में काफी ऊंचाई पर दिखने लगेंगे। लेकिन रात 7:00 से 9:30 बजे के दरमियान का समय अवलोकन के लिए काफी अनुकूल रहेगा। इस समय यह जोड़ी अपने उच्चतम बिंदु पर होगी। रात 12 बजे के बाद चंद्रमा और बृहस्पति पश्चिमी क्षितिज की ओर नीचे चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि दूरबीन आदि का उपयोग कर बृहस्पति के चार सबसे बड़े चंद्रमाओं आईओ, यूरोपा, गैनिमीड और कैलिस्टो का भी दीदार किया जा सकता है।
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