20 प्रतिशत छात्रों ने मंगाई स्कैन कॉपी, मैथ-फिजिक्स में बढ़ीं आपत्तियां

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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गोरखपुर में सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के स्कैन कॉपी और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों में असंतोष है। 20 प्रतिशत छात्रों ने स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया है। कई छात्रों ने अंकन में विसंगतियों और धुंधली स्कैन कॉपियों की शिकायत की है। अभिभावक भी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

20 प्रतिशत छात्रों ने मंगाई स्कैन कॉपी, मैथ-फिजिक्स में बढ़ीं आपत्तियां

गोरखपुर, निज संवाददाता। सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष लागू ऑन स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के बाद अब स्कैन कॉपी और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों में असंतोष बढ़ने लगा है। जिले के करीब 12 हजार विद्यार्थियों में से लगभग 20 प्रतिशत छात्रों ने 19 से 25 मई तक उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। अब बड़ी संख्या में छात्र री-चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि कई स्कैन कॉपियां धुंधली होने के कारण उत्तर और अंकन स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं कई छात्रों ने सही उत्तरों पर अपेक्षा से कम अंक मिलने और स्टेप मार्किंग में अंक छूटने की शिकायत की है। गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान विषयों में इस प्रकार की शिकायतें सबसे अधिक सामने आई हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि प्रश्नों के अधिकांश चरण सही होने के बावजूद पूर्ण अंक नहीं दिए गए。

अभिभावकों की चिंताएँ

अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कैन कॉपी स्पष्ट नहीं होगी तो छात्र अपनी आपत्तियां प्रभावी ढंग से दर्ज नहीं करा पाएंगे। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऑन स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली में तकनीकी दक्षता और सावधानी बेहद जरूरी है। छोटी तकनीकी त्रुटियां भी विद्यार्थियों के परिणाम और भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।

सीबीएसई के नए मूल्यांकन पैटर्न

सीबीएसई में इस वर्ष कुछ नए मूल्यांकन पैटर्न लागू हुए हैं, जिससे शुरुआती स्तर पर विद्यार्थियों को थोड़ी परेशानी महसूस हुई है। छात्रों को चाहिए कि स्कैन कॉपी को अपने विषय शिक्षकों से ठीक से जांच कराएं और यदि आवश्यकता हो तो समय रहते री-चेकिंग या रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन करें।

- अजय शाही, चेयरमैन, आरपीएम एकेडमी ग्रुप

मानसिक दबाव का मुद्दा

विद्यार्थियों को कम अंक और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की विसंगतियों से मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। प्रवेश और काउंसिलिंग की समयसीमा के बीच यदि बाद में अंक बढ़ते भी हैं, तो कई बार नुकसान की भरपाई संभव नहीं होती। बोर्ड को री-चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना चाहिए।

- संजीव कुमार, चेयरमैन एकेडमिक ग्लोबल स्कूल समूह

स्वयं पर विश्वास बनाए रखना

ऑन स्क्रीन मूल्यांकन में सामने आ रही त्रुटियों का प्रभाव विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और करियर पर पड़ सकता है। बोर्ड परीक्षा के अंक अब प्रवेश, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को धैर्य रखते हुए व्यवस्थित ढंग से अपनी आपत्तियां दर्ज करनी चाहिए।

- पूर्णेन्दु शुक्ल, करियर काउंसलर

छात्रों की असंतोषजनक स्थिति

बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा स्कैन कॉपी और पुनर्मूल्यांकन के आवेदन यह दर्शाते हैं कि छात्र अपने अंकों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। विज्ञान वर्ग में यह चिंता अधिक है, क्योंकि कुछ अंक भी भविष्य की प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। बोर्ड को मूल्यांकन प्रक्रिया की पुनः समीक्षा करनी चाहिए।

- माधवेंद्र पांडेय, निदेशक, बी.एन. पब्लिक स्कूल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों को क्या समस्याएँ आ रही हैं?
विद्यार्थियों को स्कैन कॉपी की धुंधलापन और पुनर्मूल्यांकन में अंक छूटने की शिकायतें आ रही हैं।
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