Brothers murder in Gorakhpur - भाइयों की हत्या कर फेंकी गई थी लाश DA Image
20 फरवरी, 2020|4:39|IST

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भाइयों की हत्या कर फेंकी गई थी लाश

पांच मार्च को सहजनवां में मिले दोनों शवों की पहचान सिद्धार्थनगर के रहने वाले सगे भाइयों के रूप में हुई है। पत्नी की आशनाई में उनकी हत्या कर शव को फेंकने के बाद पहचान छिपाने के लिए जलाया गया था। पुलिस ने हत्या में शामिल  पत्नी और उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। 

तीन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों सगे भाई सिद्धार्थनगर जिले के चिलिहा थाना क्षेत्र स्थित गुजरबलिया खड़सा गांव निवासी विजय सिंह और दिनेश सिंह थे। 

होली के बाद वह घर से निकले और लापता हो गए। पांच मार्च की सुबह सहजनवा थाना क्षेत्र में मगहर-चकिया रोड पर तालाब के किनारे उनकी अधजली लाश मिली। शव की पहचान न हो सके इस लिए उन्हें जला दिया गया था।

गायब भाइयों के बारे में पता न चलने पर ग्रामीणों को शक हुआ और इस बीच दो लोगों का शव मिलने पर शक और गहरा हो गया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने विजय सिंह की पत्नी को बुलाकर पहचान कराने की कोशिश की लेकिन पहचानने की जगह वह पुलिस को गुमराह करने लगी।

उसने बताया कि उसके पति और देवर मुम्बई कमाने गए हैं। शक के आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो महिला से कड़ाई से पूछताछ शुरू हुई जिसके बाद हत्या की कहानी समाने आई।

गोरखपुर के एक युवक से हो गया था सम्‍बन्‍ध 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना में विजय सिंह घायल हुआ था उसे गोरखपुर के राजेन्द्र नगर स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था। उसकी पत्नी तीमारदारी में लगी थी। नर्सिंगहोम के सामने युवक की किराने की दुकान है।

दुकान पर आते-जाते उसका विजय की पत्नी से सम्पर्क बढ़ा और बाद में वह उसके घर तक आने जाने लगा। आरोप है कि विजय ने युवक के साथ पत्नी को आपत्तिजनक हाल में रंगे हाथ पकड़ लिया था। उसने अपने भाई दिनेश के साथ मिलकर उसकी जमकर पिटाई की थी। जिसके बाद से युवक ने भाइयों की हत्या का इरादा बना लिया था।

कार में की भाइयों की हत्या 
प्रेमी ने हत्या के लिए प्रेमिका को तैयार किया। उसने साजिश के तहत दोनों भाइयों विजय और दिनेश को अपने तीन साथियों के साथ धोखे से अगवा कर लिया। कार के बीच की सीट पर उन्हें बैठाकर चाकुओं से गोद कर तथा गला रेत कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को ले जाकर उन्होंने चकिया में तालाब के किराने फेंक कर शव की पहचान न हो सके इस लिए उसे जला दिया।