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रेलवे स्टेशन रोड पर लगेगी बॉटल क्रसर मशीन

गीडा की फैक्ट्री आईजीएल के सहयोग से रेलवे स्टेशन रोड पर बॉटल क्रसर मशीन लगाई जाएगी। इस मशीन में खाली बोतलों को डालकर प्लास्टिक का दाना बनाया जाएगा। जिसे री-यूज कर दोबारा बॉटल बनाया जाएगा। खाली बोतल एकत्र करने की जिम्मेदारी कबाड़ बिनने वालों की होगी। इसके एवज में उन्हें रुपये भी मिलेंगे।

प्लास्टिक के खाली बोतलों से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति दिलाने व गन्दगी से निजात के लिए गीडा की मेसर्स इंडिया ग्लाइकोल लिमिटेड ने पहल की है। घरों से निकलने वाले खाली प्लास्टिक के बोतलों को एकत्र करने वाले कबाड़ी इससे अच्छी कमाई भी कर सकेंगे। गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास बड़ी मात्रा में खाली बोतल फेंकी रहती है। वहीं देसी शराब की दुकान से सैकड़ों प्लास्टिक की बोतल निकलती है। आईजीएल प्रबंधन रेलवे स्टेशन रोड पर प्रयोग के तौर पर एक बॉटल क्रसर मशीन लगा रहा है। प्लास्टिक की बोतल चाहे वह पानी का हो, शराब या दवा की सभी को इसी मशीन में डाल कर री-साइकिल किया जा सकेगा। इससे प्लास्टिक का दाना बनाया जाएगा, जिसका उपयोग बोतल बनाने में होगा।

बता दें कि इन मशीनों में पॉलीएथाइलीन टेरेफ्थालेट बोतल को रिसाइकिल किया जाता है। इस मशीन में 500-600 बोतल को क्रश किया जा सकता है। मशीन में बोतलों के 10 एमएम के छोटे-छोटे टुकडे हो जाते हैं। इन टुकडों को एकत्रित कर इनसे लो और हाई ग्रेड फाइबर बनाया जाता है।

आज मशीन का लोकार्पण करेंगे महापौर

आईजीएल कम्पनी के बिजनेश हेड व उत्तर प्रदेश डिस्टिलरी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एसके शुक्ल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता अभियान के क्रम में यह पहल की जा रही है। शुक्रवार को महापौर सीताराम जायसवाल पहली मशीन का लोकार्पण करेंगे। प्रयोग सफल रहा तो शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी मशीन लगाई जाएगी। प्लास्टिक के दानों को बाराबंकी भेज दिया जाएगा। जिससे बोतल बनेगी।

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  • Web Title:Bottle crusher machine to be seen on railway station road