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गोरखपुरसूख रहे हैं ब्लड बैंक , मरीजों को हो रही खून की किल्लत

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 09:50 PM
सूख रहे हैं ब्लड बैंक , मरीजों को हो रही खून की किल्लत

संकट

- ब्लड बैंक में गायब हैं निगेटिव ग्रुप का खून

- सामान्य ग्रुप के खून की चल रही है किल्लत

- ई-रक्तकोष पोर्टल पर नहीं है कई समूह के खून की उपलब्धता

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

कोरोना संक्रमण के प्रसार का असर जिले के ब्लड बैंकों पर दिखने लगा है। रक्तदान के लिए कैंप बंद है। स्वैच्छिक रक्तदाता भी नदारद हैं। ऐसे में जिले के ब्लड बैंकों में खून का टोटा शुरू हो गया है। निगेटिव या रेयर समूह की सबसे ज्यादा किल्लत हो गई है। कई ब्लड बैंक में यह खत्म हो गया है।

महानगर के अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए हर महीने करीब 6500 यूनिट खून की दरकार है। महानगर में मौजूद ब्लड बैंक साढ़े पांच से छह हजार यूनिट की आपूर्ति करते हैं। संक्रमण के प्रसार के कारण बीते सवा साल से इक्का-दुक्का रक्तदान कैंप संचालित हो रहे हैं। इसी बीच एक मई से 18 साल से ऊपर के युवाओं का वैक्सीनेशन शुरू हो गया। यही वर्ग सबसे बड़ा डोनर है। रक्तदान में करीब 80 फीसदी हिस्सेदारी 18 साल से लेकर 45 वर्ष तक के युवाओं की होती है। वैक्सीनेशन कराने वाले युवा रक्तदान से कन्नी काटने लगे।

बढ़ रहा है खून की कमी का संकट : जिले में आठ ब्लड बैंक संचालित हैं। शहर में सबसे बड़ा ब्लड बैंक गोरखनाथ अस्पताल में संचालित होता है। इस ब्लड बैंक की क्षमता करीब 500 यूनिट की है। यहां से हर महीने करीब 1200 से 1500 यूनिट की सप्लाई होती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ब्लड की कमी हो गई है। यहां प्रतिमाह करीब 700 यूनिट का खर्च है। इसके सापेक्ष 40 प्रतिशत ब्लड ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मिल पा रहा है। इसके अलावा सावित्री हॉस्पिटल, जिला अस्पताल, फातिमा अस्पताल और सिटी ब्लड बैंक से हर महीने 3500 से 4000 यूनिट की सप्लाई होती है। इसके अलावा एयरफोर्स में एक ब्लड बैंक हैं। वहां से आम शहरी को खून नहीं मिलता है। ब्लड बैंक के संचालक और अस्पतालों के डॉक्टर युवाओं से पहले रक्तदान फिर वैक्सीनेशन की अपील कर रहे हैं।

निगेटिव व रेयर ग्रुप के ब्लड की किल्लत

जिला अस्पताल जहां पर रोजाना 150 से 200 लोग इमरजेंसी में इलाज के लिए आते हैं। यहां ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. एसके यादव ने बताया कि हमारे यहां निगेटिव ब्लड ग्रुप इस समय नहीं है। बाकी सारे ग्रुप के ब्लड मौजूद है। पहले महीने में तीन से चार बार कैंप लगाए जाते थे। लेकिन इधर दो महीने से कोई कैंप नहीं लगाए गए। जो ब्लड पहले से यहां मौजूद था उसी से काम चल रहा है। इस तरह आने वाले दिनों में ब्लड की किल्लत हो सकती है। कुछ लोगों से ब्लड डोनेट के लिए बात चल रही थी लेकिन उन लोगों ने भी कोरोना की वजह से 10 से 15 दिन बाद की डेट दे रहे हैं। कोशिश चल रही है कि ब्लड बैंक ड्राई ना होने पाए।

पूर्वांचल से आते हैं थैलेसिमिया के मरीज

बीआरडी मेडिकल कालेज के एसआईसी व ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. राजेश राय ने बताया कि मेडिकल कालेज में जिले के अलावा देवरिया, पडरौना, संतकबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, मऊ, पश्चिमी बिहार और नेपाल से गंभीर मरीजों के साथ ही थैलेसिमिया के मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। उन्हें यहीं से ब्लड दिया जाता है। हर हफ्ते 60 से 70 यूनिट ब्लड केवल उनके ऊपर ही खर्च हो जाता है। उनको बिना डोनर के भी देना पड़ता है।

ब्लड बैंक प्रभारी ने की अपील

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी व एसआईसी डॉ. राजेश राय ने कहा कि वैक्सीन लगने के 14 दिन बाद ही युवा रक्तदान कर सकेंगे। इस दौरान थैलेसीमिया, एनीमिया, गर्भवती, स्किल सेल, प्लास्टिक एनीमिया जैसी बीमारी के मरीजों को बगैर डोनर के ब्लड दिया जाना है। इसके अलावा लावारिस और कमजोर आय वर्ग के मरीजों को भी ब्लड बगैर डोनर के दिया जाता है। गोरखनाथ ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल ने भी युवाओं से आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मरीजों में एक बड़ा तबका ऐसा है जिन्हें बगैर डोनर के रक्त देना पड़ता है। इन परिस्थितियों में संतुलन बनाना कठिन होगा। युवाओं को इसके लिए आगे आना पड़ेगा। वह पहले रक्तदान करें फिर कोविड का टीका लगवाएं।

ये हैं ब्लड बैंक

- बीआरडी मेडिकल कालेज ब्लड बैंक

- जिला अस्पताल ब्लड बैंक

- गोरखनाथ ब्लड बैंक

- सावित्री अस्पताल ब्लड बैंक

- सिटी ब्लड बैंक

-लाइफ लाइन ब्लड बैंक

- एयरफोर्स ब्लड बैंक

- फातिमा ब्लड बैंक

गोरखपुर के ब्लड बैंकों की मौजूदा स्थिति (ईरक्तकोष पोर्टल के मुताबिक)

ब्लड बैंक ओ+ ओ- ए+ ए- बी+ बी- एबी+ एबी-

बीआरडी कालेज 84 04 33 04 29 04 29 00

फातिमा 107 00 11 00 68 01 08 01

जिला अस्पताल 00 00 00 00 00 00 00 00

सावित्री हॉस्पिटल 00 00 00 00 43 06 00 02

लाइफ लाइन 60 08 42 09 135 07 42 06

गोरखनाथ हॉस्पिटल 315 02 115 01 284 02 52 01

सिटी 137 00 87 00 170 10 04 00

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