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भोलेनाथ को 100 पौधे अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण की मांगी मुराद

पौधरोपण अभियान को जनसहभागिता से जोड़ने के लिए डीएफओ मनीष सिंह ने रविवार का अनूठी पहल की। पत्नी वैशाली के साथ रविवार को कटहरा शिव मंदिर में पूजन करने पहुंचे। पर्यावरण को आस्था का अंग मानते हुए वह अपने साथ सौ पौधे भी ले गए। भोलेनाथ के चरणों में पौधों को अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण की मुराद मांगी। मंदिर के पुजारी ने डीएफओ के प्रयास को सराहा। जलाभिषेक करने आए श्रद्धालुओं को पुजारी ने प्रसाद के स्वरूप एक-एक पौधे दिए। श्रद्धालुओं से संकल्प लिया कि इन पौधों को रोपकर वह देखभाल करेंगे। 

डीएफओ ने बताया कि सावन का महीना भगवान शंकर का प्रिय होता है। यही माह पौधरोपण के लिए सबसे मुफीद है। इस माह में रोपे गए पौधे सर्वाधिक जीवित रहते हैं। वेद-पुराणों में पौधरोपण को महत्व दिया गया है। पौधरोपण से ही प्रकृति हरी-भरी होगी, जिससे मानव जीवन खुशहाल होगा। हम सभी का दायित्व है कि प्रकृति की रक्षा के लिए पौधे लगाएं। सावन में शिवालयों में जलाभिषेक के साथ पौधरोपण कर दोहरा पुण्य कमाएं। डीएफओ की पत्नी वैशाली भी पौधों के साथ शिवमंदिर में अराधना कीं। डीएफओ ने बताया कि यह प्रयास कारगर रहा तो सभी शिवालयों में पूजन-अर्चन के लिए पौधे उपलब्ध कराएंगे। 
पर्यावरण के बनिए वाहक, आज आप भी चढ़ाइए पौधे 
डीएफओ ने बताया कि शिव मंदिर पर सावन के पहले सोमवार को वन विभाग की ओर से पांच सौ पौधों का स्टाल लगाया जाएगा। यहां से श्रद्धालु पौधे खरीद कर भोलेनाथ को अर्पित कर पर्यावरण के वाहक बन सकते हैं। मंदिर में चढ़ाया गया पौधा प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित होगा। इन पौधों को शिवकृपा समझ श्रद्धालु अपने घर लगाकर उसकी देखभाल करें। हर घर में एक-एक पौधा रोपने से पर्यावरण हरा-भरा हो जाएगा। 

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  • Web Title:Bholnath offers 100 trees and demands environmental protection