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गोरखपुर

विवि की लेटलतीफी से एमसीए में प्रवेश से महरूम रहेंगे बीसीए के छात्र

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Tue, 28 Sep 2021 05:02 AM
विवि की लेटलतीफी से एमसीए में प्रवेश से महरूम रहेंगे बीसीए के छात्र

गोरखपुर। निज संवाददाता

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) की लेटलतीफी कम्प्यूटर और प्रबंधन स्नातक छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक बीबीए और बीसीए के छात्रों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा नहीं करा सका है। जबकि दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश कामन एंट्रेंस टेस्ट(यूपीसेट) के जरिए एमसीए और एमबीए में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।

इस प्रवेश की प्रक्रिया में अंतिम सेमेस्टर का रिजल्ट भी मांगा जा रहा है। इसके कारण विश्वविद्यालय के छात्र काउंसलिंग में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। काउंसलिंग से महरूम छात्र मायूस है। विश्वविद्यालय में बीसीए में 40 छात्र पंजीकृत हैं। इसके अलावा आईटीएम गीडा में 50, मारवाड़ बिजनेस स्कूल में 50 और इस्लामिया डिग्री कॉलेज में 50 छात्र बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं। इन सभी छात्रों के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा होनी है। इसकी तिथि घोषित ही नहीं हुई है।

कुछ छात्रों का हो चुका है चयन

अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा का इंतजार कर रहे कुछ मेधावी छात्रों का बड़े संस्थानों में भी चयन हो गया है। विश्वविद्यालय के बीसीए के एक छात्र का बीएड में चयन हुआ है। वह रिजल्ट न होने के कारण सोमवार को काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सका। बीसीए कर रहे एक छात्र का देश की नामी कंपनी विप्रो में चयन हो गया है। कंपनी ने उसे 26 अक्तूबर तक रिजल्ट जमा करने की मोहलत दी है। जिसके बाद उसकी नौकरी जारी रहेगी। अंतिम वर्ष के एक छात्र का एनआईटी रायपुर में चयन हुआ है। उसे भी 11 अक्तूबर तक अपना रिजल्ट दाखिल करना है।

कानपुर विवि की तरह प्रमोट करने की छात्रों ने की मांग

छात्रों ने बताया कि कानपुर विश्वविद्यालय में भी इसी तरह से छात्रों की परीक्षा नहीं ले सका था। वहां पर छात्रों ने दबाव बनाया। विश्वविद्यालय ने 22 सितंबर को अंतिम सेमेस्टर के सभी छात्रों को प्रोन्नत कर दिया। छात्रों को पहले वर्ष के सेमेस्टर अंक के आधार पर नंबर दे दिए। गोरखपुर विश्वविद्यालय को भी वही पैटर्न अपनाना चाहिए। इससे छात्रों का भविष्य बच जाएगा।

बोले कुलपति

विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परीक्षा का शेड्यूल लगा हुआ है। एक हफ्ते में परीक्षा भी हो जाएगी और परिणाम जारी कर दिया जाएगा।

- प्रो. राजेश सिंह, कुलपति

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