
बीच की कक्षाओं में नहीं बनेगा अब पेन नंबर
Gorakhpur News - -बेसिक शिक्षा विभाग हुआ सख्त, गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कसेगा शिकंजा -प्री-प्राइमरी और कक्षा एक
रूद्र प्रताप सिंह। गोरखपुर। गैर-मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के कारण छात्र-छात्राओं की शैक्षिक पहचान को लेकर लगातार आ रही समस्याओं पर अब बेसिक शिक्षा विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि अगले वर्ष के शैक्षिक सत्र से बीच की कक्षाओं में पेन (परमानेंट एजुकेशन नंबर) नंबर जनरेट नहीं किया जाएगा। अब यह सुविधा केवल प्री-प्राइमरी और कक्षा एक में ही उपलब्ध होगी। विभाग के इस फैसले से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अवैध स्कूलों पर रोक लगने की उम्मीद है। कारण, ये विद्यालय मान्यता विहीन होते हैं और उनका यू-डायस कोड भी नहीं होता।
जब इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पांचवीं के बाद छठवीं कक्षा में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में जाते हैं, तो उनके पास पेन नंबर नहीं होता। ऐसी दशा में फिर से नया पेन जनरेट कराना पड़ता है। इससे न केवल शिक्षा विभाग की व्यवस्था गड़बड़ा रही है, बल्कि योजनाओं का लाभ भी बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब यह सहूलियत नहीं दी जाएगी। यदि कोई छात्र पेन नंबर के बिना बीच की कक्षा में आता है, तो दूसरा विद्यालय उसका पेन जनरेट नहीं कर पाएगा। ऐसे मामलों में पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की होगी। यू डॉयस कोड अवश्य जांच लें शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे दाखिले से पहले स्कूल का यू-डायस कोड अवश्य जांच लें। जिस विद्यालय में छात्र पढ़ रहा हो, उसी के माध्यम से उसका पेन जनरेट होगा। स्कूल के रजिस्टर में दर्ज जानकारी ही आधार मानी जाएगी और उसी आधार पर यू-डायस पोर्टल पर डाटा भरा जाएगा। मान्यताप्राप्त स्कूलों में प्रक्रिया पूरी डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अमरेंद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार पूरे जिले में 5480 मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, जहां 10 लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। इनमें से हर छात्र का पेन नंबर यू-डायस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जा चुका है। वहीं जनपद में इस वर्ष 99 नए स्कूलों ने यू-डायस कोड के लिए आवेदन किया है। इन विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों और नए छात्रों के पेन जनरेट करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। कोट यू-डायस कोड विहीन स्कूलों में संचालन की स्थिति में उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाएगी। यदि कोई छात्र पेन जनरेट नहीं कराता है, तो उसका जिम्मेदार संबंधित विद्यालय और अभिभावक ही होंगे। रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए, गोरखपुर

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