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25 फरवरी, 2020|2:31|IST

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ऋण माफी का इंतजार कर रहे किसानों पर दबाव बना रहे बैंक

जगतबेला गौरा के किसान राम सिंह ने 50 हजार रुपये का कर्ज केसीसी पर लिया था। मुख्यमंत्री फसल ऋण मोचन योजना के अंतर्गत ब्याज समेत 82 हजार रुपये की धनराशि का कर्ज माफ भी हो गया, लेकिन खाता नंबर संबंधी त्रुटि के कारण यह धनराशि वापस चली गई। तब से राम सिंह अधिकारी, तहसील और बैंक के चक्कर काट रहे हैं। अब बैंक ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि 1.19 लाख रुपये जमा कराएं अन्यथा रिकवरी के लिए तहसील से आरसी जारी करा दी जाएगी।

यह स्थिति सिर्फ राम सिंह की नहीं बल्कि योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले 635 किसानों की है। ऋण माफी के इंतजार में किसान जहां बढ़ते ब्याज से परेशान हैं, वहीं बैकों ने भी ऋण जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। किसान नया ऋण भी नहीं ले पा रहे हैं। उधर, बैंक अधिकारियों का कहना है कि पूर्वांचल ग्रामीण बैंक का विलय हो चुका है। ऐसे में ऋण संबंधी मामलों के जल्द निपटारे का वरिष्ठ अधिकारियों का काफी दबाव है। इसलिए उन्हें सख्ती करनी पड़ रही है।

जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी ने 635 किसानों के आवेदन को स्वीकृति दी है। भुगतान के लिए शासन को भेजा गया लेकिन पुन: सत्यापन के लिए डाटा वापस आ गया। सभी बैंकों को सत्यापन के लिए डाटा भेजा गया था। अब तक 65 फीसदी डाटा पुन: सत्यापन कर मिल गया है शेष के लिए रिमांइडर लिखा जा रहा है। सभी बैकों से सत्यपान रिपोर्ट मिलने के बाद पुन: भुगतान के लिए भेजा जाएगा।

55,131 किसानों के 199.39 करोड़ माफ

गोरखपुर जिले के अब तक 55,131 किसानों का 199.39 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हुआ है। योजना के अंतर्गत ऐसे लघु एवं सीमांत किसान जिन्होंने 31 मार्च 2016 के बाद अपने कर्ज का भुगतान नहीं किया था, सरकार ने एक लाख रुपये तक कर्जमाफी का लाभ दिया था।

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  • Web Title: Banks are pressuring farmers waiting for loan waiver