संतुलित उर्वरक प्रयोग से बढ़ेगी पैदावार, घटेगी खेती की लागत
बेलीपार में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा उर्वरकों के संतुलित एवं समन्वित प्रयोग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य, उत्पादन वृद्धि और खेती की लागत में कमी के बारे में जागरूक करना था। वैज्ञानिकों ने जैविक खाद और मृदा परीक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। 46 किसानों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

बेलीपार, हिन्दुस्तान। कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार द्वारा गुरुवार को विकासखंड ब्रह्मपुर के ग्राम विश्वनाथपुर में उर्वरकों के संतुलित एवं समन्वित प्रयोग विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और खेती की लागत में कमी के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष एसके यादव, एसपी सिंह, एसके सिंह, शैलेंद्र सिंह, मनोज कुमार, शिवेंद्र प्रताप सिंह, एनपी सिंह, शैलेंद्र पटेल ने किसानों को संतुलित उर्वरक एवं समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) अपनाने की सलाह दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि जैविक खाद, हरी खाद, फसल अवशेष प्रबंधन और जैव उर्वरकों के संतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन बढ़ता है।
उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक प्रयोग, नीम कोटेड यूरिया तथा ड्रिप-स्प्रिंकलर तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में 46 किसानों ने भाग लिया और इसे खेती के लिए उपयोगी बताया। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने और नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
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