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12 जुलाई, 2020|11:23|IST

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श्रद्धालुओं से गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन की अपील, पॉलिथीन में नहीं पोटली में लाए खिंचड़ी

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गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील किया है कि वे गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए पॉलिथीन में न लाए। बल्कि उसे किसी साफ कपड़े की पोटली या कपड़े के थैले में आए। प्रदेश में पॉलिथीन प्रतिबंधित है, पर्यावरण की रक्षा के लिए भी ये जरूरी भी है। 


सदन रहे कि गोरखनाथ मंदिर में 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में जहां मकर संक्रांति मेला एक जनवरी से ही शुरू हो चुका है, वही मकर संक्राति के दिन जुटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रबंधन की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। मेला प्रबंधन कमेटी, भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य मंदिर के समक्ष बैरिकेडिग संबंधी  कार्यो को अंतिम रूप देने में जुटा है। सोमवार को मेला प्रबंधक शिव शंकर उपाध्याय एवं मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी बैरिकेडिंग संबंधी कार्य को पूर्ण कराने में जुटे थे। द्वारिका तिवारी कहते हैं कि पूरे मेला परिसर में पॉलिथीन प्रतिबंधित हैं। स्वयं मुख्यमंत्री गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भी इसके अनुपालन के लिए मेला कमेटी समेत प्रशासन को भी हिदायत दी है। इसलिए श्रद्धालुओं को भी जागरूक कराया जा रहा है।

 
मेला में झूलों की बहार, खरीददारी भी जोरों पर
पारम्परिक खिचड़ी मेला में 95 फीसदी दुकानें लग गई हैं। शिव शंकर उपाध्याय बताते हैं कि एक दो दिन में जो शेष हैं वे भी लग जाएंगी। मौत का कुआं भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। बच्चों के बीच सबसे ज्यादा ड्रैगन ट्रेन लोक प्रिय है। इस ड्रैगन ट्रेन का आनंद बच्चों के साथ अभिभावक भी उठा रहे हैं। यहां सेल्फी लेने की भी लोगों में होड़ दिखती है। युवाओं के बीच मैजिक डांस झूला लोकप्रिय है, कुछ नृत्य का आनंद ले रहे तो कुछ उत्तेजना और भय से आंखे बंद कर चीखने लगते हैं। चकरी वाले झूले पर झूलने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। ऊंचाई से पूरे मेले और मंदिर का विहंगम दृश्य देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिख रहा है। बैलून पर एयर गन से निशाना लगाने, फोटो स्टूडियो में फोटो खिंचाते हुए लोग दिख रहे हैं। मेले में कप-प्लेट, क्रॉकरी प्लेट, चूड़ी और बिंदी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जूता-चप्पल, खिलौने और खाने-पीने समेत अन्य दुकानें लग चुकी हैं। पारंपरिक खाजा, पराठा हलुवा की दुकानें भी दूर-दूर से आई हैं जहां आने वाले श्रद्धालु और पयर्टक आनंद उठा रहे हैं।

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  • Web Title:Appeal to devotees from Gorakhnath temple management not in polythene brought to bundle