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झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ हेल्थ डिपार्टमेंट का बड़ा अभियान, एएनएम भी करेंगी निगरानी

जिले में बगैर किसी चिकित्सा शिक्षा की डिग्री प्राप्त किए मरीजों का इलाज करने वाले झोलाछापों की अब खैर नहीं। स्वास्थ्य विभाग ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर रहा है। महकमे ने झोलाछापों की पहचान का जिम्मा एएनएम को सौंपा है। सूबे में झोलाछाप के सघन नेटवर्क को लेकर शासन ने रूख सख्त कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। इसके लिए सभी सीएचसी-पीएचसी पर सूची तैयार की जा रही है। सूची में शामिल नामों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों की होगी। जिले में एएनएम के 520 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 476 पद पर एएनएम तैनात हैं। एएनएम ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की सबसे मजबूत कड़ी है। ग्रामीणों की सेहत की निगरानी करने वाली आशा बहूएं और बेसिक हेल्थ वर्कर एएनएम को ही रिपोर्ट करते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन एएनएम को ही झोलाछाप तलाशने की जिम्मेदारी दी है। सभी एएनएम से कम से कम एक झोलाछाप के बाबत सूचना अनिवार्य रूप से देने को कहा गया है। सीएमओ डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की सबसे मजबूत कड़ी है। सभी एएनएम सूचना संबंधित स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी को देंगी। उसी सूचना के आधार पर कार्रवाई विभाग करेगा।

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  • Web Title:ANM's will keep eye on jhola chhap doctors