पॉलीसिस्टिक सिंड्रोम और फाइब्रॉएड की अल्ट्रासाउंड से मिलेगी जानकारी
Gorakhpur News - फोटो- एम्स में एडवांस अल्ट्रासोनोग्राफी पर हुई कार्यशाला एडवांस अल्ट्रासोनोग्राफी से गर्भ में पल रहे

गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से शहर के महिला डॉक्टरों, जूनियर और सीनियर रेजिडेंटों को स्किल ओजी सीरीज के तहत स्त्री रोग में सोनोग्राफी : बेसिक से एडवांस तक विषय पर शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि पॉलीसिस्टिक सिंड्रोम से लेकर फाइब्रॉयड बीमारी की जानकारी अल्ट्रासाउंड जांच से की जा सकती है। इससे सही समय पर महिलाओं का इलाज शुरू हो सकता है और गर्भ में पल रहे बच्चों को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में अल्ट्रासोनोग्राफी विशेषज्ञ दिल्ली से आए प्रो. कर्नल डॉ. पंकज तलवार ने बताया कि स्त्री रोग एवं इंफर्टिलिटी के क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की भूमिका सबसे अहम है।
समय पर जांच के जरिए यह बताया जा सकता है कि बांझपन का खतरा क्यों और इसके उपाय है। उन्होंने स्त्री रोग एवं बांझपन के प्रबंधन में अल्ट्रासोनोग्राफी की महत्वपूर्ण भूमिका को समझाया l बताया कि अल्ट्रासोनोग्राफी एक सुरक्षित, दर्द रहित और गैर-आक्रामक मेडिकल इमेजिंग तकनीक है, जो हाई फ्रीक्वेंसी साउंड वेव का इस्तेमाल कर शरीर के आंतरिक अंगों, ऊतकों और रक्त वाहिकाओं की वास्तविक समय की पहचान करता है। इसके जरिए यह पता चल जाता है कि गर्भावस्था में भ्रूण की स्थिति क्या है।इसके अलावा हृदय, थायराइड, स्तन और रक्त प्रवाह की स्थिति की भी जानकारी मिल जाती है। सबसे अहम बात यह है कि सबसे सुरक्षित है। कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि ज्ञान और कौशल को साझा करने से ही महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव है। बताया कि इस वर्ष के महिला दिवस की थीम गिव टू गेन इसी भावना को दर्शाती है। कार्यशाला में गोरखपुर के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों, संस्थान के फैकल्टी सदस्यों, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट तथा अंतिम वर्ष के एमबीबीएस छात्र शामिल हुए।
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