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एक दिन के नवजात की पहले चरण की हुई सफल सर्जरी

एक दिन के नवजात की पहले चरण की हुई सफल सर्जरी

संक्षेप:

Gorakhpur News - नवजात को इंपरफोरेट एनस और स्क्रोटल हाइपोस्पेडियस नाम की है बीमारी जन्म से ही शौच

Jan 13, 2026 02:23 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के डॉक्टरों ने पहली बार एक दिन के नवजात की जटिल सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी है। नवजात को जन्म से शौच करने का छिद्र नहीं था। साथ ही मूत्र करने की ओपनिंग भी नीचे अंडकोष के बीच में थी, जिससे उसका लिंग छोटा और नीचे की ओर मुड़ा था। डॉक्टरों की भाषा में दोनों बीमारियों को इंपरफोरेट एनस और स्क्रोटल हाइपोस्पेडियस कहते हैं। अब दूसरी सर्जरी चार माह बाद होगी। डॉक्टरों के मुताबिक, शनिवार की देर रात 11 बजे एम्स की इमरजेंसी में एक पिता अपने एक दिन के नवजात बेटे को लेकर आया। बच्चे का जन्म शहर के एक निजी अस्पताल में हुआ था।

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डॉक्टरों ने देखा कि नवजात को जन्म से शौच करने का छिद्र नहीं था, जिसे इंपरफोरेट एनस कहते हैं। इसके अलावा बच्चे का लिंग भी अंडकोष के बीच में था, जो छोटा और नीचे की ओर मुड़ा था, जिसे स्क्रोटल हाइपोस्पेडियस कहा जाता है। शौच न कर पाने से नवजात का पेट फूलता जा रहा था और हालत बिगड़ रही थी। डॉक्टरों ने 12 घंटे के अंदर जटिल सर्जरी कर पेट में छेद करके कोलोस्टॉमी बनाई गई है। अब चार माह होने पर दूसरे स्टेज की सर्जरी की जाएगी। 1500 ग्राम था वजन, एनेस्थीसिया देना था जटिल नवजात की सर्जरी करने वाले सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि नवजात का वजन केवल 1500 ग्राम (डेढ़ किलो) था। समय से पहले प्रसव भी हो गया था। ऐसे में एनेस्थीसिया देना बेहद मुश्किल होता है। बावजूद इसके एम्स के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार शर्मा, डॉ. प्रियंका द्विवेदी, डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. विजेता बाजपेयी, डॉ. रवि शंकर ने उसे बेहोश किया, तब सर्जरी हो सकी। वहीं, सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. धर्मेंद्र पीपल, डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. ऐश्वर्या, डॉ. रजा का सहयोग रहा। वहीं बाल रोग विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. महिमा मित्तल व उनकी टीम ने नवजात पर लगातार निगरानी की। इस तरह की नवजात की सर्जरी एम्स गोरखपुर में पहली बार की गई है। सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने सफल सर्जरी की है। इसके अलावा पीडियाट्रिक विभाग की टीम ने पूरा मैनेजमेंट किया है। पूरी टीम बधाई की पात्र है। - डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स