Gorakhpur News: रामगढ़झील में लेजर तकनीक से जेटी की निगरानी की तैयारी

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
Follow us on Google News
share

Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कराए गए थर्ड पार्टी

रामगढ़झील में लेजर तकनीक से जेटी की निगरानी की तैयारी

Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कराए गए थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट में रामगढ़झील की जेटी दो पिलर कमजोर मिलने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने इसकी हाईटेक सुरक्षा का निर्णय लिया है। जेटी की निगरानी लिडार (लेजर) बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से की जाएगी। यह तकनीक संरचना में मामूली झुकाव, कंपन, दरार या किसी भी तरह के खतरे का रियल टाइम में पता लगा कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजेगी। जरूरत पड़ने पर मौके पर सायरन भी बजेगा।

जेटी की सुरक्षा व्यवस्था

नगर निगम इस तकनीक से जेटी को सुसज्जित करने की दिशा में जल्द ही कदम उठाएगा। लिडार (लेजर) बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम, अत्याधुनिक, गैर-संपर्क (नॉन-कॉन्टैक्ट) तकनीक लेजर बीम के जरिए जेटी का लगातार थ्री-डी स्कैन तैयार करेगी। सेंसर प्रति सेकेंड हजारों लेजर पल्स छोड़कर संरचना के प्रत्येक हिस्से का सूक्ष्म विश्लेषण करेगा। किसी भी हिस्से में मिलीमीटर स्तर तक झुकाव, कंपन, दरार या विस्थापन होने पर सिस्टम तत्काल उसकी पहचान कर लेगा।

संरचनात्मक परिवर्तन

इस तकनीक में इंजीनियर पहले से सुरक्षित मानक तय करेंगे। यदि जेटी की संरचना में निर्धारित सीमा से अधिक बदलाव दर्ज होता है तो कंट्रोल रूम में डिजिटल अलर्ट दिखाई देगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों और रखरखाव टीम के मोबाइल पर स्वतः संदेश या ई-मेल आएगा। आवश्यकता पड़ने पर जेटी परिसर में सायरन या हूटर भी सक्रिय हो जाएगा। ताकि जेटी को खाली कराया जा सके।

रामगढ़झील जेटी के पांच पिलरों पर शिफ्ट हुआ लेक क्वीन क्रूज का भार

वाढी हुई भार भरा

जेटी की संरचनात्मक सुरक्षा जांच में सामने आई खामियों के बाद 200 टन वजनी लेक क्वीन क्रूज एवं 10 टन के उसके प्लेटफार्म का भार अब दो के बजाय जेटी के 05 पिलरों पर शिफ्ट किया गया है। पहले क्रूज को केवल दो पिलरों से एंकर किया जाता था, जबकि जांच में यही दोनों पिलर कमजोर मिले।

जेटी पर हर दिन चार से पांच हजार कर फुटफाल

जनता की लहर

रामगढ़झील की जेटी महानगर के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। झील का मनोरम दृश्य देखने और सेल्फी लेने, लेक क्विन क्रूज और द फ्लोट एवं बोटिंग का आनंद लेने के लिए हर दिन यहां चार से पांच हजार दर्शक पहुंचते हैं।

‘‘लिडार बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग तकनीक से जेटी की लगातार और सटीक निगरानी की जाएगी। इस तकनीक में किसी भी संभावित खतरे का संकेत मिलते ही सिस्टम अलर्ट मिलेगा। इससे समय रहते मरम्मत और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकेंगे। कार्ययोजना तैयार कर जल्द अनुपालन कराया जाएगा।’’

अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, गोरखपुर विकास प्राधिकरण

प्रश्न और उत्तर

रामगढ़झील की जेटी की निगरानी के लिए कौन सी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है?
रामगढ़झील की जेटी की निगरानी के लिए लिडार (लेजर) बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।