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1 जनवरी, 2021|12:07|IST

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गोरखपुर: दिव्‍यांग के जन्‍म के बाद कार्यवाहियों का सिलसिला तेज, गलत रिपोर्ट देने वाले तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों की अल्ट्रासाउंड मशीनें सील

ultrasound centers named after doctors of delhi-meerut

बीते दिनों नवजात के जन्म से पहले गलत रिपोर्ट देने वाले तीनों डायग्नोस्टिक सेंटर गुरुवार को सील कर दिए गए। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के अधिकारियों ने बेतियाहाता स्थित स्पर्श इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, छापडिय़ा हास्पिटल व प्रज्ञा अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दी गईं।

पिपरौली के देईपार निवासी अभिषेक पांडेय ने अपनी गर्भवती पत्नी की चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच कराई थी। गर्भस्थ शिशु के बारे में हर जगह से रिपोर्ट सामान्य आई लेकिन जब बच्चे का जन्म हुआ तो उसमें न तो एक हाथ विकसित हुआ था और न ही उसका सिर सामान्य था। इसकी शिकायत अभिषेक ने सीएमओ से की। शिकायत के बाद सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी ने एक मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच सौप दी थी। बोर्ड ने चार डाक्टरों को दोषी माना है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। तत्काल कार्रवाई केवल सहजनवां के न्यू आदित्य अल्ट्रासाउंड सेंटर पर ही हुई थी।

सेंटर सील कर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। तीन सेंटरों पर कार्रवाई न होने को लेकर अभिषेक पांडेय ने अपनी पत्नी व नवजात के साथ बुधवार को डीएम कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसके बाद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने शेष बचे तीनों डायग्नोस्टिक सेंटरों का लाइसेंस निलंबित करते हुए उन्हें सील करने का आदेश दिया था।

 

मेडिकल बोर्ड की जांच में सभी चारों डायग्नोस्टिक सेंटरों की रिपोर्ट की जांच की गई है। चिकित्सकों को बुलाकर उनका भी पक्ष लिया गया। जांच में बोर्ड ने चार डाक्टरों को दोषी माना है। चारो के सेंटरों की अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दी गई हैं।

डा. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ

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  • Web Title:action after physically challenged infant in gorakhpur three diagnostic centers ultrasound machines sealed