DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गोरखपुर के मुंशी प्रेमचंद पार्क में नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ

अलख कला समूह के बैनर तले नाट्य कार्यशाला शिविर का शुभारम्भ शुक्रवार को मुंशी प्रेमचंद पार्क में हुआ। प्रेमचंद साहित्य संस्थान के मनोज सिंह ने कहा कि नाटक के सैद्धान्तिक परीक्षण के साथ व्यवहारिक परीक्षण भी जरूरी होता है। नाट्य विधा सबसे पुरानी एवं सशक्त विधा है। नाटक के लिए दर्शकों को आमंत्रित करना जरूरी नही होता है। सफल नाटक वही है जो चलते राहगीर को रोक ले, इसमें रीटेक का मौका नहीं होता है। यह लोगों में चेतना पैदा करता है। राजेश साहनी ने नाटक को एक सामूहिक कला बताते हुए बच्चों को संवेदनशील एवं कल्पनाशील बनने को कहा। सुजीत श्रीवास्तव ने कहा नाटक कई तरह से होते हैं। हम जन नाट्य यानी जनता के लिए किए जाने वाले नाटक को प्रोत्साहित करेंगे। समाज मे हर तरह के लोग है। दूषित मानसिकता के लोग नाटक के माध्यम से दूषित संस्कृति का प्रचार प्रसार करते हैं। लेकिन अच्छी सोच के लोग अच्छी सोच के साथ एक बेहतरीन समाज बनाने के लिए नाटक का प्रचार प्रसार करते हैं। मौके पर प्रदीप कुमार ने जनगीत गाकर लोगो को प्रोत्साहित किया। शिविर का संचालन राजाराम चौधरी जी ने किया। इस दौरान अलख कला समूह के सचिव बैजनाथ मिश्र, संयुक्त सचिव बेचन सिंह पटेल, सुभाष मौर्य, विपिन सिंह, अरुण प्रकाश पाठक, कुसुम, उत्सव पाल, राधा, नीरज, दीपाली, सुष्मिता, सुमिरन, पल्लवी पटेल आदि मौजूद रहे

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Acting workshop starts in Gorakhpur Munshi Premchand Park