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1 दिसंबर, 2020|2:50|IST

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कागजों में दफन हो गए बीआरडी के 90 डेंगू मरीज

कागजों में दफन हो गए बीआरडी के 90 डेंगू मरीज

जिले में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ है। बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। हालांकि सरकारी महकमे के कागज में सिर्फ एक मरीज की आज तक पहचान हुई है। वह भी जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा था। जबकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इस साल 90 से अधिक मरीजों में डेंगू की पहचान हो चुकी है। इनमें से इंसेफेलाइटिस से पीड़ित छह बच्चे शामिल हैं।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सेंट्रल पैथोलॉजी में खून की जांच एलाइजा मशीन लगी है। इसमें डेंगू व मलेरिया के जांच की सुविधा है। यहां पर इस साल जनवरी से अब तक 25582 मरीजों के खून के नमूनों की जांच हुई। इनमें से 84 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन मरीजों के अलावा जिला अस्पताल में भी एक मरीज मिला। करीब पांच हफ्ते पहले मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था। संदेह होने पर डॉक्टरों ने डेंगू की जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को दे दी। यह मरीज ही स्वास्थ्य विभाग के खाते में दर्ज है। दूसरे मरीजों का विभाग को पता ही नहीं है।

इंसेफेलाइटिस के छह मरीजों में मिला डेंगू

डेंगू के कारण बच्चे इंसेफेलाइटिस के भी शिकार हो रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इस साल इंसेफलाइटिस के मरीजों में डेंगू की जांच हुई है। छह मरीजों में डेंगू की पहचान हुई है। बीआरडी में भर्ती हो रहे बच्चों के खून की जांचकर रहे आरएमआरसी ने बकायदा इसकी रिपोर्ट शासन को भेज रखी है।

साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर

फीजिशियन डॉ. गौरव पाण्डेय ने बताया कि ऐडीज नामक मच्छर के काटने से डेंगू होता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। यह ज्यादातर दिन में ही काटता है। डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। तीन से सात दिन तक लगातार बुखार, तेज सर में दर्द,पैरों के जोड़ों मे तेज दर्द, आंख के पीछे तेज दर्द, चक्कर, उल्टी महसूस होने के साथ ही शरीर पर लाल चक्कते पड़ जाते हैं। कुछ मामलों में आंतरिक या बाह्य रक्त स्त्राव होने लगता है। उन्होंने बताया कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह ली जानी चाहिए। बगैर चिकित्सकीय सलाह के बुखार की दवा का सेवन खतरनाक हो सकता है।

डेंगू से ऐसे करें बचाव

जिला अस्पताल के फीजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि घर में साफ-सफाई पर ध्यान रखें, कूलर व गमले का पानी रोज बदलें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल दिन में करें। पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। कमरों की साफ-सफाई के साथ उसे हवादार रखें। आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें। जमा पानी व गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें। खाली बर्तन व सामानों में पानी जमा नहीं होने दें।

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  • Web Title:90 BRD dengue patients buried in paper