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गोरखपुर

बाढ़ प्रभावित 179 गांवों में पहुंची 83 टीमें

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:41 AM
गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता
 जिले में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। महज चार...
1 / 2गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता जिले में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। महज चार...
गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता
 जिले में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। महज चार...
2 / 2गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता जिले में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। महज चार...

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

जिले में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। महज चार दिनों में 50 नए गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके बाद जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 179 हो गई है। इन गांवों की बाढ़ प्रभावित आबादी को बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित भ्रमण कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की 83 टीम लोगों की सहायता के लिए लगाई गयी हैं। प्रत्येक टीम में चिकित्सक समेत चार स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने बताया कि मेडिकल टीम में एक चिकित्सक, एक स्वास्थ्यकर्मी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को रखा गया है। यह टीम राहत शिविरों और बाढ़ चौकियों का दौरा कर रही है। जिन लोगों को किसी भी प्रकार के बुखार की दिक्कत है, वह आशा कार्यकर्ता के जरिये टीम की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, उल्टी, दस्त होने पर अपने मन से दवा न खाएं । मेडिकल टीम से सलाह और निःशुल्क दवा प्राप्त कर सेवन करें।

बांटी जा रही है दवाएं

डॉ. चौधरी ने बताया कि इन इलाकों में कुल 72 हजार से अधिक क्लोरिन के टेबलेट वितरित किये गये हैं। एक टेबलेट को बीस लीटर पानी में डालने के दो घंटे बाद ही पानी का सेवन करना है। करीब 14 हजार हैंडपंप का क्लोरिफिकेशन किया गया है ताकि लोगों को साफ-सुथरा पानी मिल सके । बाढ़ प्रभावित इलाकों में 15 हजार ओआरएस के पैकेट वितरित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में डायरिया और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बाढ़ का पानी उतरने के साथ बढ़ जाता है । ऐसे में लोगों को बुखार के प्रति खासतौर से सतर्कता बरतनी है । अगर किसी भी किस्म का बुखार हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

एंटी स्नेक वेनम का भी इंतजाम

डॉ. ए. के चौधरी ने बताया कि बरसात के मौसम और बाढ़ के कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं । इसे देखते हुए प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर 20-20 वॉयल एंटी स्नेक वेनम भी रखवा दिया गया है । ऐसे में अगर किसी के साथ सर्पदंश की घटना होती है तो झाड़ फूंक करने की बजाय सीधे अस्पताल जाएं ।

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