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मानसून की दस्तक के साथ मासूमों में अटकी अधिकारियों की सांस 

गोरखपुर। अजय कुमार सिंह 
छह महीने का अंश, 12 साल का अभिषेक, आठ साल की नंदनी और 14 साल की वंदना को नहीं मालूम कि उनके साथ क्या हो रहा है। शरीर में अचानक आए झटके और बुखार के साथ मां-बाप ने इन्हें यहां बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचाया और तबसे हर पल जिंदगी की जंग जारी है। 
मानसून की दस्तक के साथ ही इस हालत ने गोरखपुर में प्रशासनिक अधिकारियों की सांस अटका दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो सांसद के रूप में पिछले दो दशक से इंसेफेलाइटिस के खिलाफ जंग लड़ते रहे हैं पूर्वांचल के मासूमों को हर हाल में बचाने का निर्देश दे चुके हैं। लेकिन अधिकारियों के लिए चिंता की बात यह है सीजन की शुरुआत से पहले ही इंसेफेलाइटिस से 63 मासूमों की जान जा चुकी है। वो भी अकेले बीआरडी मेडिकल कालेज के अंदर। 

जानकार बताते हैं कि 1978 से अब तक इंसेफेलाइटिस पूर्वांचल में 50 हजार से अधिक मासूमों को लील चुकी है। 2005 में इसने महामारी का रूप लिया था। तब अकेले बीआरडी मेडिकल कालेज में 1132 मौतें हो गई थीं। एक छत के नीचे इतनी बड़ी तादाद में हुई मौतों के चलते देश भर में तहलका मचा। लखनऊ और दिल्ली से नेताओं-अधिकारियों के दल मेडिकल कालेज पहुंचे। तब क्यूलेक्स विश्नोई प्रजाति के मच्छर से होने वाली जापानी इंसेफेलाइटिस के खिलाफ चीन से टीके मंगाए गए।

2006 में पहली बार टीकाकरण अभियान चला। नतीजतन आज जापानी इंसेफेलाइटिस न के बराबर रह गई है लेकिन गंदे पानी से होने वाली इंसेफेलाइटिस ने इतना विकराल रूप ले लिया है कि हर साल पांच-छह सौ बच्चों की मौत हो जा रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और लखनऊ में अधिकारियों की कई बैठकें लीं। उन्हें गांव-गांव में शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई के इंतजाम कर हर हाल में इंसेफेलाइटिस पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया।

लेकिन इन कवायदों का फिलहाल कोई खास असर नहीं दिख रहा है। सीजन से पहले ही बीआरडी मेडिकल कालेज में 215 इंसेफेलाइटिस मरीज आ चुके हैं। डाक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे बारिश होगी वैसे-वैसे जमीन की सतह की गंदगी भूगर्भ जल के साथ जाकर मिलेगी और फिर देशी हैंडपम्पों से होते हुए हमारे मासूमों को बीमार बनाएंगी। इस वक्त मेडिकल कालेज में 26 मरीज जीवन के लिए मौत से लड़ रहे हैं। जल्द ही कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह संख्या और मौतों का ग्राफ हर साल की तरह बढ़ सकता है।

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  • Web Title:66 Children died in Gorakhpur due to Encephalitis