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छात्रवृति से वंचित हो सकते हैं 54 महाविद्यालय के छात्र

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के 42 हजार छात्रों के...

छात्रवृति से वंचित हो सकते हैं 54 महाविद्यालय के छात्र
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरFri, 17 Sep 2021 05:02 AM
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गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के 42 हजार छात्रों के लिए अहम खबर है। मंडल के गोरखपुर, कुशीनगर व देवरिया के 54 महाविद्यालयों के करीब 42 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति अधर में फंस सकती है। इन महाविद्यालय ने समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति आवेदन के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं की है। इन महाविद्यालयों ने अपने संस्थान के छात्रों का डाटा भी समाज कल्याण विभाग को नहीं भेजा है। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि शुक्रवार को बीत गई। इसके बाद हड़कंप मच गया है।

यह आवेदन बीते 19 अगस्त से विभाग के पोर्टल पर चल रहा है। विभाग ने महाविद्यालयों को आवेदन के लिए एक महीने का समय दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन के वेरिफिकेशन में 54 महाविद्यालय से ऐसे मिले हैं जिनके छात्रों का डाटा व आवेदन समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर नहीं दिख रहा है। ऐसे में विभाग के पोर्टल पर इन महाविद्यालयों का सत्यापन विश्वविद्यालय की तरफ से नहीं हुआ है। यही वजह है कि इन महाविद्यालयों में पंजीकृत छात्र इस वर्ष छात्रवृत्ति के आवेदन से महरूम रह सकते हैं।

सबसे ज्यादा है गोरखपुर के महाविद्यालय

बताया जाता है कि इस सूची में सबसे ज्यादा गोरखपुर के महाविद्यालय शामिल हैं। गोरखपुर के 25 महाविद्यालय इस सूची में शामिल है। इनमें से अधिकांश शहरी क्षेत्र के हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर महाविद्यालयों ने आवेदन की प्रक्रिया समय से पूरी कर लिया। इसके अलावा देवरिया के 14 महाविद्यालय और कुशीनगर के 15 महाविद्यालय सूची में शामिल हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी इन महाविद्यालयों को सूचित करने में लगे हैं। हालांकि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद वह भी अपना सिर पीट रहे हैं।

349 है महाविद्यालय 295 का हुआ सत्यापन

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक विश्वविद्यालय से संबद्ध 349 महाविद्यालय है। विवि सूत्रों ने बताया कि इसमें समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट के जरिए 295 महाविद्यालयों का सत्यापन हो चुका है। इन सभी महाविद्यालयों के नामों की सूची शासन को भेज दी गई है। जिनके छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी। इस आवेदन प्रक्रिया में प्रबंधन की लापरवाही से 54 महाविद्यालयों के नाम अधर में हैं।

दो चरणों में होता है आवेदन

जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ सिंह ने बताया कि छात्रवृति के आवेदन के दो चरण है। पहले चरण में महाविद्यालय अपने छात्रों का डाटा व फीस की जानकारी देते हैं। इसका वेरिफिकेशन विश्वविद्यालय करता है। दूसरे चरण में वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करा चुके महाविद्यालय के छात्र आवेदन करते हैं।

फंस सकता है आवेदन

उन्होंने बताया कि अगर महाविद्यालय का वेरिफिकेशन नहीं होगा तो छात्र का आवेदन फंस जाएगा। गुरुवार को आवेदन की अंतिम तिथि थी। महाविद्यालय प्रबंधन को एक महीने का समय दिया गया था। उन्हें समय से आवेदन करना चाहिए था। अब अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला शासन को करना है।

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