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वर्षो से बंधे पर बसे थे 40 परिवार, होगा पुर्नवास

कुशीनगर के दुदही क्षेत्र के अमवा खास तटबंध पर रहे रहे 40 परिवारों को दूसरी जगह बसाने की कवायद शुरू हो गई है। इन लोगों की सूची बनाकर लेखपाल ने एसडीएम तमकुहीराज को भेजी है। इससे जहां वर्षों से बंधे पर रह रहे लोगों में खुशी का माहौल उत्पन्न हो गया है, वहीं अभी भी इस सूची से वंचित लोगों में मायूसी छाई हुई है।

अमवाखास के टोला बरवापट्टी, कैथवलिया खैरटिया, खुरहुरिया, कौवाखोह में निवास कर रहे हजारों लोंगो की काश्तकारी जमीन सहित आवासीय जमीन भी नारायणी नदी ने सन 1978 व 1980 में काट दी थी। तहसील प्रशासन ने इन आधा दर्जन गांवों को लोगों को कोकिलपट्टी, जमुवान, बैकुंठपुर कोठी, दुदही, बभनौली कोठी में जमीन देकर स्थापित कर दिया। मगर प्रशासन की भूल की वजह से सैकड़ों लोग इस लाभ से वंचित रह गए। वंचित लोंग तहसील प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक तीस साल से चक्कर लगाते रहे मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद भी लोंगो ने हार नहीं माना और अपनी हक की लड़ाई लड़ते रहे। अंत मे प्रशासन की नीद खुली तो इन बंधो पर रह रहे लोंगों के बारे में सोचना शुरू किया। अमवाखास के हल्का लेखपाल ब्रजनारायन प्रसाद को तहसील प्रशासन द्वारा वंचित लोंगों की सूची बनाने का आदेश मिला तो उन्होंने 40 लोंगो की सूची बनाकर प्रशासन को भेज दी है। वहीं कुछ लोंगों में नाराजगी है कि वे लोंग इस सूची से वंचित रह गए हैं। दूसरी ओर हल्का लेखपाल का कहना है कि जो लोग कहीं और अपना आवास बनवा लिए हैं, उन्हीं का नाम सूची में नहीं है।

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  • Web Title:40 families will be rehabilitated