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6 जुलाई, 2020|9:54|IST

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शुल्क जमा कर वैध हो जाएंगे अवैध कालोनियों के 3000 मकान

शुल्क जमा कर वैध हो जाएंगे अवैध कालोनियों के 3000 मकान

दो दशक से अवैध कॉलोनियों में रहने का दाग लेकर रहने को मजबूर लोगों को राहत के लिए जीडीए ने बेहतर पहल की है। अब चिह्नित 25 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोग शुल्क जमाकर मानचित्र स्वीकृत करा सकेंगे। वहीं जिन्होंने कार्रवाई के भय से खाली प्लाट छोड़ रखा है, वे भी नक्शा स्वीकृत कराकर नए सिरे से मकान बनवा सकेंगे।

जीडीए की इस पहल से जहां 3000 मकान वैध होंगे वहीं करीब 2000 लोग नक्शा स्वीकृत कराकर निर्माण करा सकेंगे। कमिश्नर के पहल पर तैयार प्रस्ताव को जीडीए जल्द शासन को मंजूरी के लिए भेजेगा। कमिश्नर जयंत नार्लिकर के नेतृत्व में सोमवार को हुई जीडीए बोर्ड की बैठक में अवैध कॉलोनियों को लेकर विशेष चर्चा हुई। शासन की तरफ से भी अवैध कॉलोनियों को वैध करने को लेकर पत्र आ चुका है।

कमिश्नर की पहल पर तैयार हो रहे प्रस्ताव को शासन को मंजूरी मिल जाए तो दोहरा फायदा होगा। एक तरफ 25 कॉलोनियों में रह रह लोगों के माथे से अवैध का दाग धुल जाएगा और दूसरी तरफ लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे जीडीए को बड़ी मदद मिल जाएगी। जीडीए ने 25 ऐसी कॉलोनियां चिह्नित कर रखी हैं जो कृषि भू उपयोग, पीएससीके लिए आरक्षित पार्क और समुदायिक भू-उपयोग वाली जमीनों पर बसी हैं। इन्हें विनियमित यानी वैध करने के लिए प्राधिकरण ने कई बार प्रयास किए मगर कई तकनीकी वजहों और शासन की तरफ से रुचि न लेने की वजह से सफलता नहीं मिली। बीते दिनों जीडीए ने इन कॉलोनियों का लेआउट बनाकर वैध करने की कोशिशें की थीं, लेकिन बात नहीं बनीं। इस लेआउट के लिए भी कॉलोनी के ही लोगों को सोसाइटी बनाकर आवेदन करना पड़ता। इसके बाद शमन शुल्क का निर्धारण आदि की अड़चनें थीं।

ऐसे वैध होंगे मकान

प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किया है। प्राधिकरण की नियमावली और विशेषज्ञों से लंबी मंत्रणा के बाद तय हुआ कि पूरी कॉलोनी को वैध करने की बजाय पार्क की जमीन पर बने घरों को छोड़कर बाकी के घरों का मानचित्र स्वीकृत कर उसे वैध किया जाए। साथ ही इन सभी कॉलोनियों में खाली प्लॉट पर जो भी निर्माण कराना चाहे उसे निर्धारित शुल्क जमा कराकर उसके मानचित्र स्वीकृत किए जाएं। इस संबंध में प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। इसे शासन को भेजा जाएगा वहां से स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा।

ये कॉलोनियां हैं अवैध

झरना टोला, मौर्या टोला, नंदानगर, ईस्टनपुर, गायत्री नगर, लालगंज, सैनिक कुंज, सैनिक विहार विस्तार, शक्तिनगर, साकेत नगर, सिद्धार्थनगर, सुलभ कालोनी, राजीव नगर, पार्वती नगर, विवेकानंदपुरी, श्रीराम नगर कॉलोनी, आर्यनगर, विवेकानंद नगर, आदर्शनगर, विवेक नगर, शांति नगर, मुलायम नगर, गोरक्षनगरी, महादेवपुरम

बोले जीडीए सचिव

शहर की 25 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को राहत के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसपर जीडीए बोर्ड की बैठक में भी लंबी चर्चा हुई। विमर्श के बाद तय हुआ है कि पूरी कॉलोनी की बजाय एक-एक घरों को निर्धारित शुल्क आदि लेकर मानचित्र स्वीकृत किए जाएं। खाली प्लॉटों पर भी निर्माण के लिए आवेदन करने वालों के मानचित्र स्वीकृत होंगे। इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा रहा है। इससे करीब 5000 लोगों को राहत मिलेगी।

- राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए

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  • Web Title:3000 houses of illegal colonies will be valid after depositing fee