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गोरखपुर में मानव श्रृंखला के साथ निकली 13.5 किमी की तिरंगा यात्रा

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 122वीं जयंती पर बुधवार को ‘हिन्दू चेतना मंच’ एवं ‘विश्व का सबसे लम्बा तिरंगा समिति’ द्वारा 13.5 किलोमीटर लम्बी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में शामिल हुए छात्र-छात्राओं और विभिन्न संस्थाओं के लोगों ने हाथों में तिरंगा पकड़ कर मानव श्रृंखला भी बनाई और देश की आजादी के लिए स्वयं के प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों को संवैधानिक दर्जा देने की मांग को बुलंद की। 
सूरत से मंगाए गए माइक्रो कॉटन से बनाए गए 13.5 किमी लम्बे तिरंगे का वजन 9.5 कुंतल था। सुबह 10.30 बजे नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद रथ पर रख कर इस तिरंगा को मानव श्रृंखला बना कर पैड़लेगंज स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थली से विस्तारित किया गया। बीच में मानव शृंखला इसे विस्तारित कर रही थी। गाजे-बाजे, घोड़े-हाथी के बीच भारत माता की जय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जय, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल समेत अन्य शहीदों के नारे गूंजते रहे। यह तिरंगा यात्रा पैडलेगंज से देवरिया-गोरखपुर बाइपास पर पहुंची। यहां से सहारा इस्टेट स्थित भारत माता मंदिर तक गई। 4.30 बजे यह यात्रा सहारा इस्टेट पहुंची। यहां बने मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच प्रमुख लोगों ने संबोधित कर युवाओं में देश भक्ति की भावना का संचार किया। इस तरह हिंदू चेतना मंच की ओर से 2015 में शुरू की गई तिरंगा यात्रा बुधवार को खास मुकाम पर पहुंची। इस मौके पर तिरंगा अभियान इंदौर के डॉ. रवि अतरोलिया, हिंदू चेतना मंच के संयोजक रघुवंश हिंदू, सुमन हिंदू, रामनारायण, भारतेंदु यादव, सुरेंद्र प्रसाद, राजेश निषाद, नितेश पांडेय, नवनीत, गौरव समेत प्रमुख लोग शामिल रहे। इस पूरी यात्रा का वीडियो फुटेज गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड और लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड को प्रेषित किया जाएगा। 
रात 12 बजे से ही शुरू हो गया आयोजन
मंगलवार की रात 12 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को दुग्ध से स्नान कराया गया। उसके बाद उनके 122वें जन्मदिन पर उन्हें 122 राष्ट्रीय ध्वज समर्पित किया गया। रात 12.30 बजे प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप यज्ञ करने के साथ आजाद हिन्द का राष्ट्रगान गाया गया। रात एक बजे तिरंगा रथ का सम्मान पूर्वक पूजन किया।
शहीदों के नाम का टैटू गुदवाएं अभिषेक बने आकर्षण 
अपने शरीर पर 580 कारगिल शहीदों के नाम का टैटू गुदवाए पंड़ित अभिषेक गौतम घोड़े पर सवार होकर ठंड को शर्मिदा कर रहे थे। उनके आगे चल रहे हाथी पर सवार नौजवान हाथों से तिरंगा लिए भारत माता के जयकारे लगा रहे थे। 
इन संस्थानों ने दिया सहयोग
जी माऊंट लिट्रा स्कूल, होली फ्लेम स्कूल, रायॅल पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर पक्की बाग, एडी स्कूल, एनसीसी कैडेट्स, एमएमएमयूटी, सिविल डिफेंस, पंतंजलि भारत स्वाभीमान, सेंट जॉन स्कूल, मेरीटोरियस एकेडमी, इंदिर गांधी गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सेंट जेवियर्स भगत चौराहा, आक्सफोर्ड स्कूल, बाबा राघव दास आईटीआई, अपना समाज पार्टी, सहारा वेलफेयर सोसाइटी, स्कालर्स डिग्री कालेज, संस्कृति पब्लिक स्कूल, मदद समूह, प्रयास परिवर्तन, एस्प्रा समूह, एमआर हर्बल ने सहयोग किया। 
तिरंगा यात्रा विश्व रिकार्ड: डॉ. रवि अतरौलिया
खुली जीप पर डॉ. रवि अतरौलिया जनता का अभिवादन करते चल रहे थे। डॉ. रवि अतरोलिया ने कहा कि,‘ गोरखपुर के नागरिकों ने एक इतिहास रचा है। दावा किया कि 13.5 किमी तिरंगा मानव श्रृंखला विश्व रिकार्ड है। शायद ही इसे कोई तोड़ पाएगा। बच्चों के उत्साह को देख छाता लेने का दिल नहीं किया। भीगता रहा सूखता रहा। 

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  • Web Title:13 km tri-color journey with the human chain in Gorakhpur