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इंसेफेलाइटिस के 12 फीसदी मरीजों में ही मिला स्क्रब टाइफस

स्क्रब टॉयफस की वजह से इंसेफेलाइटिस का प्रकोप बताने का इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का दावा टांय-टांय फुस्स होता नजर आ रहा है। बीआरडी में इस वर्ष अब तक महज 12 फीसदी मरीजों में ही स्क्रब टॉयफस की तस्दीक हुई। यह जांच एनआईवी ने की है। जबकि आईसीएमआर ने महज एक महीने पूर्व ही इंसेफेलाइटिस के 60 फीसदी मरीजों में स्क्रब टॉयफस होने का दावा किया था। 

आईसीएमआर वैज्ञानिकों के दावे पर सवाल
इंसेफेलाइटिस के 60 फीसदी मरीजों में स्क्रब टाइफस का दावा
इस साल अब तक भर्ती हो चुके इंसेफेलाइटिस के 460 मरीज
एनआईवी की जांच में 48 मरीजों में हुई स्क्रब टाइफस की पुष्टि 

पूर्वांचल में मासूमों पर कहर बरपा रही इंसेफेलाइटिस अब अबूझ पहेली बनी हुई है। बीआरडी में इस वर्ष अब तक इंसेफेलाइटिस से 460 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 381 मरीजों के खून और सीरम की जांच बीआरडी में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) ने की है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब तक महज 48 मरीजों में स्क्रब टॉयफस की तस्दीक हुई है। यह कुल मरीजों की संख्या का 12 फीसदी है। इनमें से अधिकांश मरीज जुलाई के अंतिम पखवारे में भर्ती हुए। एनआईवी ने स्क्रब टॉयफस से पीड़ित मरीजों की सूची बीआरडी को भेज दी है। एनआईवी द्वारा अब तक की गई जांच से स्क्रब टॉयफस की थ्योरी को पलीता लगता नजर आ रहा है। 
बोले डा. केपी कुशवाह: शासन के निर्देश पर आईसीएमआर ने दी है स्क्रब टॉयफस की थ्योरी
इंसेफेलाइटिस को लेकर अब भी कहीं ठोस रिसर्च नहीं हो रही है। आईसीएमआर के वैज्ञानिक शासन के निर्देश पर काम करते हैं। यहीं वजह है कि स्क्रब टॉयफस की थ्योरी सामने लाई गई। इससे पहले बिहार के मुजफ्फरपुर में भी वैज्ञानिकों ने रिसर्च कर इंसेफेलाइटिस के लिए लीची को जिम्मेदार बताया था। उस थ्योरी को बंगलादेश के वैज्ञानिकों ने खारिज कर दिया। 

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  • Web Title: 12 percent of encephalitis patients found in scratch typhus