DA Image
21 सितम्बर, 2020|10:54|IST

अगली स्टोरी

लॉकडाउन में 1143 लोगों को पड़ोसियों ने कराया क्वारंटीन

लॉकडाउन में 1143 लोगों को पड़ोसियों ने कराया क्वारंटीन

विदेश या फिर परदेश से आए लोगों के बारे में पड़ोसियों के जरिये पुलिस को काफी सूचनाएं मिल रही हैं। 112 नम्बर पर फोन कर पड़ोसी तुंरत इसकी खबर पुलिस को दे रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान 1143 लोगों को पड़ोसियों ने ही पुलिस के जरिये क्वारंटीन कराया है। पड़ोसी की सूचना पर स्वास्थ्य टीम के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने उनकी थर्मल स्कैनिंग कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन कराया है। इसे लोगों की जागरूकता ही कहेंगे कि हर व्यक्ति खुद को कोरोना वारियर्स के तौर पर रखते हुए न सिर्फ खुद को बल्कि अपने गांव-मोहल्ले को भी इस बीमारी से बचाने में जुटा हुआ है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान डायल 112 पर 5000 से ज्यादा कॉल आई इनमें सबसे ज्यादा भोजन को लेकर 2162 कॉले आई दूसरे नम्बर पर कोरोना संदिग्ध को लेकर लोगों ने पुलिस के पास कॉल किया। यह संख्या 1500 के करीब थी वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने और भीड़ लगाने को लेकर भी 1300 के करीब कॉल आईं। प्रत्येक कॉल पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोरोना संदिग्ध को लेकर आने वाली कॉल में ऐसे लोगों के बारे में जानकारी लोगों ने दी जो कि बाहर से आकर घर में रह रहे थे।

कोरोना की रोकथाम में पड़ोसियों की सबसे ज्यादा भूमिका

इसे जागरूकता के तौर पर देखें या फिर दुश्मनी के तौर पर दोनों सूरत में पुलिस के लिए अच्छी बात यह रही है कि उन्हें पड़ोसियों के जरिये सर्वाधिक सूचनाएं मिलीं। परदेश से आने वाले व्यक्ति के बारे में जब घर वाले नहीं बताते तो पड़ोसी इसकी सूचना देते हैं। यही नहीं खांसी- सर्दी जुकाम और बुखार तक की शिकायत करते। कई मामलों में सूचना गलत भी होती पर ज्यादातर मामलों में पुलिस को इससे काफी मदद मिली थी।

संतकबीरनगर की घटना के बाद और बढ़ी सतर्कता

संतकबीरनगर के मगहर व अन्य स्थानों पर कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तो लोग इस कदर डर गए कि गांव तो दूर बाहर से आने वाले व्यक्तियों की भी सूचनाएं देने लगे। इसका नतीजा काफी अच्छा भी रहा है। मगहर से तिवारीपुर के सिधारीपुर गांव में आए परिवार की बात हो या फिर कोरोना पाजिटिव के घर से सहजनवां के भस्का गांव में पहुंचे लोगों का मामला। पुलिस समय रहते सक्रिय हुई। यही नहीं सबसे ताजा मामला तो उरूवा के हाटा बुजुर्ग गांव के बाबूलाल और बांसगांव की महिला का मामला सबसे सामने है ही। दोनों मामलों में गांव के लोगों ने सबसे ज्यादा सुरक्षा की उन्होंने न सिर्फ समय रहते इसकी जानकारी पुलिस को दी बल्कि एंबुलेंस से पहुंचे इन लोगों को गांव के बाहर ही रोकर कर काफी लोगों को संक्रमित होने से बचाया।

बोले एसएसपी

कोरोना वायरस को सभी के सहयोग से ही हराया जा सकता है। सिर्फ पुलिस-प्रशासन या फिर स्वास्थ्य टीम की यह लड़ाई नहीं है। आम लोगों की सहयोग भी जरूरी है। वायरस को लेकर लोग काफी जागरूक हुए हैं। यही वजह है पुलिस को काफी मदद मिल रही है। बाहर से आए लोगों के बारे में तुरंत पुलिस को सूचना मिल जा रही है। स्वास्थ्य टीम के साथ मौके पर पहुंच कर पुलिस उनका थर्मल स्कैनिंग करा रही है। जरूरत के हिसाब से घर या फिर पास में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है।

डा. सुनील गुप्ता, एसएसपी

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:1143 people were quarantined by neighbors in lockdown