अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करेगा विकास प्राधिकरण, शमन मानचित्र पास कराना होगा आसान
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने संबंधित सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक जोन से साप्ताहिक आधार पर कम से कम 15 शमन मानचित्र दाखिल करें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत कालोनियों को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं मिलने देंगे।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के सख्त रुख अपनाने के साथ शमन मानचित्र निस्तारण को सहज बनाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल की प्राधिकरण के चार जोन के लिए से हर सप्ताह कम से कम 60 शमन मानचित्र दाखिल कर आवश्यक कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने एवं अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाद अनुभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने संबंधित सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक जोन से साप्ताहिक आधार पर कम से कम 15 शमन मानचित्र दाखिल करें। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत कालोनियों को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं मिलने देंगे। इसके लिए सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाई जाए और प्रवर्तन अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।
दूसरे और चौथे गुरुवार लगेंगे मानचित्र निस्तारण शिविर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार गोरखपुर विकास प्राधिकरण मानचित्र समाधान मेला माह के दूसरे और चौथे गुरुवार को आयोजित करेगा। पिछले गुरुवार को आयोजित शिविर में 26 मानचित्र स्वीकृत कर 43 लंबित प्रकरणों निस्तारित किए गए। प्राधिकरण ने अब तक की सबसे बड़ी एक दिवसीय उपलब्धि करार दिया है। अब यह सिलसिले को प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल निरंतरता देने को अग्रसर हैं। बीते गुरुवार का लगे शिविर में 52 आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से 43 पुराने लंबित मामलों का समाधान प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल की मौजूदगी में समाधान हुआ। आपत्तियों के कारण लंबित और निरस्त मानचित्रों की समीक्षा कर यथासंभव आपत्तियों का निस्तारण कर तत्काल 26 मानचित्रों को स्वीकृति दी गई। इन मानचित्रों के सापेक्ष करीब 1.90 करोड़ रुपये की आय हुई। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि आवेदक स्वयं या अपने आर्किटेक्ट या इंजीनियर के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर लंबित मानचित्रों का निस्तारण कराएं।
क्या बोले उपाध्यक्ष
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप सुनियोजित विकास ही प्राथमिकता है। जनता को अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करेंगे ताकि अपनी गाढ़ी कमाई ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश कर ठगी का शिकार न हों। दूसरे मानचित्र स्वीकृति के साथ शमन मानचित्र का सहज और त्वरित निस्तारण किया जाएगा।’


